Edited By Purnima Singh,Updated: 19 Jul, 2026 04:49 PM

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि आपदा के प्रति पूर्व सतर्कता, तैयारी और जागरुकता से जन-धन की हानि को न्यूनतम स्तर तक लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल सरकारी तंत्र का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक...
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि आपदा के प्रति पूर्व सतर्कता, तैयारी और जागरुकता से जन-धन की हानि को न्यूनतम स्तर तक लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल सरकारी तंत्र का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य भी होना चाहिए।
एसडीएमए के नए मुख्यालय का किया लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने यहां राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के नए मुख्यालय भवन के लोकार्पण के बाद आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। आदित्यनाथ ने कहा, ''अक्सर आपदा आने के बाद हम संवेदना व्यक्त करते हैं, लेकिन यदि पहले से सतर्कता, तैयारी और जागरुकता हो तो जन-धन की हानि को काफी हद तक कम किया जा सकता है।'' उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन से जुड़ी जानकारी को पाठ्यक्रम, परिवार और सामाजिक संवाद का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
जागरूकता और प्रशिक्षण पर दिया जोर
उन्होंने अपने बचपन के अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि आग, भूकंप और बाढ़ जैसी आपदाओं के दौरान बरती जाने वाली सामान्य सावधानियों की जानकारी लोगों को दी जाती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जागरुकता के अभाव में सामान्य व्यवहार भी नुकसान का कारण बन सकता है, जबकि सही जानकारी से बड़ी से बड़ी दुर्घटना को टाला जा सकता है। आदित्यनाथ ने कहा कि ऐसे जनजागरुकता कार्यक्रम चलाए जाने चाहिए, जिनसे सामान्य नागरिक भी आपदा के समय राहत और बचाव कार्यों में सहयोग कर सके। उन्होंने कहा कि जब आपदा न हो, तब प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान देना चाहिए तथा छात्रों और शिक्षकों को भी आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए।
मानव-वन्यजीव संघर्ष को भी आपदा की श्रेणी में शामिल किया
योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है जिसने मानव-वन्यजीव संघर्ष को भी आपदा की श्रेणी में शामिल किया है। उन्होंने हाल में बहराइच में मगरमच्छ के हमले में 12 वर्षीय बालक की मौत का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि मगरमच्छ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी जाए तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में चार हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि अन्य प्राकृतिक आपदाओं में लगभग पांच हजार लोग प्रभावित हुए हैं।
बिजनौर और आकाशीय बिजली की घटनाओं का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने हाल में बिजनौर के दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि जिले में अब तक 80 तेंदुओं को बचाया जा चुका है और वे प्रायः गन्ने के खेतों में पाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि बाघ और तेंदुए के व्यवहार में अंतर होता है तथा लोगों को इसके बारे में जागरूक करना भी जीवन रक्षा के लिए जरूरी है। योगी ने आकाशीय बिजली से होने वाली जनहानि रोकने के लिए तकनीक के अधिकतम उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि समय रहते पूर्वानुमान और चेतावनी जारी कर लोगों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने हाल में आए तूफान और आकाशीय बिजली से एक ही दिन में 111 से अधिक लोगों की मौत का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके बाद सरकार ने तकनीक आधारित पूर्व चेतावनी प्रणाली को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।