उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव : पार्टियों के बीच छिड़ी सुरों की जंग

Edited By PTI News Agency,Updated: 18 Jan, 2022 12:20 PM

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लखनऊ, 18 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए ताल ठोंक रहीं राजनीतिक पार्टियों के बीच सुरों का भी संग्राम छिड़ गया है। ये दल अपनी-अपनी नीतियों के प्रचार और विरोधियों पर शब्द बाण छोड़ने के लिए तरह-तरह के गीतों का सहारा ले रहे...

लखनऊ, 18 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए ताल ठोंक रहीं राजनीतिक पार्टियों के बीच सुरों का भी संग्राम छिड़ गया है। ये दल अपनी-अपनी नीतियों के प्रचार और विरोधियों पर शब्द बाण छोड़ने के लिए तरह-तरह के गीतों का सहारा ले रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अब आम आदमी पार्टी ने भी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अपना थीम सॉन्ग जारी कर दिया है। वैसे, चुनाव प्रचार में गीतों की मदद अक्सर ली जाती है, मगर कोविड-19 महामारी के दौरान वर्चुअल हुए चुनाव प्रचार में इन गीतों के जरिए मतदाताओं के जहन में बस जाने की मानो होड़ लग गई है।
सत्तारूढ़ भाजपा के चुनावी गीतों में पार्टी की हिंदुत्ववादी गौरव गाथा और सरकार के विकास कार्यों का जिक्र है। भाजपा के सांसद और भोजपुरी अभिनेता रवि किशन और मनोज तिवारी इन गीतों पर काम कर रहे हैं। कुछ गीत सामने आ चुके हैं। इनमें 'डमरु जब बजेगा तो देखना नजारा क्या होगा' और 'यूपी में सब बा' प्रमुख हैं। कुछ गानों के बोल "जो राम को लाए हैं, हम उनको लाएंगे", और "मंदिर बनने लगा है, भगवा रंग चढ़ने लगा है", पार्टी की हिंदुत्ववादी छवि और एजेंडा को जाहिर करते हैं।
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनीष दीक्षित ने मंगलवार को 'पीटीआई-भाषा' को बताया "चुनाव आयोग ने आगामी 22 जनवरी तक चुनावी रैलियों और सभाओं पर रोक लगाई है। ऐसे में भाजपा गीतों के जरिए मतदाताओं के दिलो-दिमाग में जगह बनाना चाहती है। पार्टी अपनी सोशल मीडिया टीम के माध्यम से हर मतदाता तक इन गीतों को पहुंचाएगी।"
मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने भी अपने तरकश में कई गीत रखे हैं। इनमें 'हुंकारा', 'जनता पुकारती है' और 'जय-जय समाजवाद' प्रमुख हैं। इन गीतों में सपा की पूर्ववर्ती सरकार द्वारा किए गए कार्यों के बखान के साथ-साथ दोबारा सत्ता में आने पर सभी वर्गों की समस्याएं दूर करने की उम्मीद जगाने की कोशिश की गई है।

पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने दावा किया ‘‘इन गीतों में प्रदेश के बेरोजगारों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, शोषितों और वंचितों के जख्मों पर मरहम रखने के इरादे जाहिर किए गए हैं। ये गीत प्रदेश के हर गांव और कस्बे तक गूंजेंगे और याद दिलाएंगे कि सभी के विकास के लिए सपा की सरकार कितनी जरूरी है।’’
मुख्य रूप से महिलाओं को राजनीति की मुख्यधारा में लाने के वादे पर चुनाव लड़ रही कांग्रेस का थीम सॉन्ग "बहन प्रियंका करें आवाहन, मिलकर आगे बढ़ सकती हूं, लड़की हूं मैं, लड़ सकती हूं", भी महिलाओं के इर्द-गिर्द ही घूमता है। क्षेत्रीय स्तर पर भी पार्टी के कई गीत गूंज रहे हैं।

कांग्रेस के मीडिया संयोजक ललन कुमार ने बताया ‘‘ पार्टी प्रियंका गांधी की अगुवाई में चुनाव अभियान को आगे बढ़ा रही है और हमारे गीतों में इसकी स्पष्ट छाप नजर आती है। पार्टी विभिन्न सोशल मीडिया माध्यमों से अपने थीम सॉन्ग तथा अन्य गीतों को प्रदेश के हर मतदाता तक पहुंचाएगी। ’’ उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पहली बार ताल ठोंक रही आम आदमी पार्टी ने भी अपना गीत जारी कर दिया है। इसके बोल हैं- “राजनीति को बदलने आप आया है, पहली पहली बार झाडू छाप आया है।’’ यह गीत आप की बिहार इकाई के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष लोकेश ने तैयार किया है। पार्टी के राज्यसभा सदस्य और उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने बताया ‘‘पार्टी के इस 'कैंपेन सॉन्ग' में मुफ्त बिजली, शिक्षा, बेरोजगारी भत्ता और माताओं तथा बहनों को एक-एक हजार रुपये प्रति माह देने के वादे की बात की गई है।’’ उन्होंने बताया कि हर विधानसभा में पार्टी ने न्यूनतम 20 टीमें बनाई हैं। पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर कैंपेन सॉन्ग के साथ प्रचार करेंगे।

यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

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