हे भगवान! शादी के 28 दिन बाद हुआ खुलासा, दो महीने की प्रेग्नेंट निकली पत्नी, पति बोला सच्चाई छुपाई ...

Edited By Ramkesh,Updated: 01 Feb, 2026 01:37 PM

oh my god 28 days after the wedding the revelation came true the wife was two

मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। एक विवाहिता महज शादी के 28 दिन बाद ही 2 महीने की प्रेग्नेंट निकली, इस घटना से पति परेशान हो गया। पति का आरोप है कि उसके साथ धोखा हुआ है। पत्नी की प्रेग्नेंसी की बात उससे छिपाई...

यूपी डेस्क: मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। एक विवाहिता महज शादी के 28 दिन बाद ही 2 महीने की प्रेग्नेंट निकली, इस घटना से पति परेशान हो गया। पति का आरोप है कि उसके साथ धोखा हुआ है। पत्नी की प्रेग्नेंसी की बात उससे छिपाई गई। इतना ही नहीं उसके मायके वालों की सहमति से भ्रूण हत्या कराई गई। पति द्वारा पूरे मामले की शिकायत के बाद अब कोर्ट ने न्यायिक मजिस्ट्रेट को सभी दस्तावेजों और कथनों के आधार पर नए सिरे से विचार करने के आदेश दिए हैं।
 
पति का आरोप शादी के पहले ही प्रेग्नेंट थी पत्नी
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मामला ग्वालियर जिले के झांसी का है। यहां के रहने वाले विशाल माहौर का आरोप है कि उसकी पत्नी शादी से पहले ही गर्भवती थी, लेकिन उसके ससुरालवालों ने यह सच्चाई छिपाई। उसकी धोखे से शादी की। शादी के लगभग एक महीने बाद पत्नी की तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद उसे डॉक्टर के पास ले जाया गया। जहां अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में पत्नी दो माह से अधिक की गर्भवती निकली थी।

निजी अस्पताल में गर्भपात करवाया- पति का ससुराल वालो पर आरोप
पति ने बताया कि इसके बाद उसकी पत्नी मायके चली गई। जहां अपने माता-पिता और परिजनों की मदद से एक निजी अस्पताल में गर्भपात करवाया। पति ने पूरे मामले की शिकायत जनकगंज थाने में दी। पति का कहना है कि यह भ्रूण हत्या का स्पष्ट मामला है और इसमें सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया।लेकिन पति ने अपने साथ हुए इस धोखे को लेकर हार नहीं मानी उसने न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन पेश किया गया, जिसे 20 नवंबर 2025 को खारिज कर दिया गया था।

कोर्ट ने नए सिरे से जांच के दिए निर्देश
हालांकि, अपर सत्र न्यायाधीश के समक्ष पुनरीक्षण याचिका दायर की गई, जहां कोर्ट ने उपलब्ध दस्तावेजों और बयानों की दोबारा समीक्षा करने की बात कही और न्यायिक मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए कि सबूतों के आधार पर नए सिरे से विचार कर कारणयुक्त आदेश पारित करें। फिलहाल मामले की निचली अदालत में दोबारा सुनवाई होगी। इसके बाद ही सारा मामला स्पष्ट होगा।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!