Edited By Imran,Updated: 20 Aug, 2024 12:23 PM
उत्तर प्रदेश सरकार 69 हजार शिक्षक भर्ती के मामले में फंसती जा रही है। चयन में आरक्षण के नियमों का पालन न होने पर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी आपत्ति जताई थी। हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद अब अभ्यर्थियों ने SCRT का घेराव किया है।
69 Thousand Teachers: उत्तर प्रदेश सरकार 69 हजार शिक्षक भर्ती के मामले में फंसती जा रही है। चयन में आरक्षण के नियमों का पालन न होने पर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी आपत्ति जताई थी। हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद अब अभ्यर्थियों ने SCRT का घेराव किया है। शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों ने अब आज एक नया आंदोलन शुरू कर दिया है और यह आंदोलन उनके अनुसार, नियुक्ति प्रक्रिया का शेड्यूल जारी न होने तक जारी रहेगी।
सरकार जल्द ही इस प्रकरण का करें समाधान
वहीं, धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अमरेंद्र पटेल ने बताया कि वर्ष 2018 में यह भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। जब इसका परिणाम आया तो इसमें व्यापक स्तर पर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ अन्याय किया गया और उन्हें नौकरी देने से वंचित कर दिया गया। एक लंबे आंदोलन और न्यायिक प्रक्रिया से गुजरने के बाद अब लखनऊ हाई कोर्ट के डबल बेंच ने हम आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के हित में फैसला सुनाया है और नियमों का पालन करते हुए अभ्यर्थियों को नियुक्ति दिए जाने का आदेश दिया है। लेकिन सरकार इस प्रकरण में हीला हवाली कर रही है. हम चाहते हैं की सरकार जल्द से इस प्रकरण का समाधान करें और एक शेड्यूल जारी करके बताएं कि हम पीड़ितों की नियुक्ति कब की जा रही है।
पटेल ने आगे कहा कि, कोर्ट ने 69000 शिक्षक भर्ती मूल चयन सूची रद्द करते हुए सरकार को तीन महीने के अंदर आरक्षण नियमों का पालन करते हुए नई सूची जारी करने का आदेश दिया है। लेकिन सरकार ने अभी तक कोई काम शुरू नहीं किया है केवल एक मीटिंग की है। हमारी मांग है कि सरकार हमारी चयन संबंधित प्रकिया का कार्यक्रम शेड्यूल जारी कर दें।