बॉलीवुड में बढ़ते इस्लामीकरण से हिन्दू कलाकारों को नहीं दी जाती तवज्जो: सुब्रत पाठक

Edited By Ramkesh, Updated: 24 Sep, 2020 01:25 PM

hindu actors are not given due to increasing islamization in bollywood

भारतीय जनता पार्टी के कन्नौज जनपद से सांसद सुब्रत पाठक ने बॉलीवुड में बढ़ते इस्मालीकरण की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि बॉलीवुड में इस्लामीकरण से अन्य धर्मों के लोगों को मौका ही नहीं मिल पाता है।

प्रयागराज: भारतीय जनता पार्टी के कन्नौज जनपद से सांसद सुब्रत पाठक ने बॉलीवुड में बढ़ते इस्मालीकरण की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि बॉलीवुड में इस्लामीकरण से अन्य धर्मों के लोगों को मौका ही नहीं मिल पाता है। जिससे हिन्दू धर्म के कलाकारों की हत्या कर दी जाती है। उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत की मौत का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे की कलाकार की मौत कोई साधारण मौत नहीं है।  एक साज़िश के तहत उभरते हुए कलाकार की हत्या कर दी जाती है। सांसद के बयान का साधु-संतों की सबसे बड़ी संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने बीजेपी सांसद के बयान का स्वागत किया है।

बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नोएडा में फिल्म सिटी बनाने के फैसले ने महंत नरेंद्र गिरी ने सराहनीय कदम बताया उन्होंने कहा कि इससे हमारे कलाकारों को फिल्मों में काम और सम्मान दोनों मिलेगा। प्रदेश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे उन्होंने उम्मीद जताई कि यूपी में जो फिल्में बनेंगी उनमें भारत की संस्कृति और सभ्यता की झलक भी दिखेगी।  उन्होंने कहा कि यहां पर एक धर्म विशेष (इस्लाम) का साम्राज्य भी नहीं होगा।  यहां कलाकार अपनी प्रतिभा के बल पर आगे आएंगे और उन्हें फिल्मों में काम करने के बेहतर अवसर मिलेंगे।

महंत नरेंद्र गिरी ने कहा कि बॉलीवुड में भी कुछ खास लोगों का वर्चस्व नोएडा में फिल्म सिटी बनने से खत्म हो जाएगा। समान रुप से फलने-फूलने का अवसर यहा पर मिलेगा।  उन्होंने कहा है कि महाराष्ट्र की सरकार और फिल्म इंडस्ट्री के स्थापित कलाकारों भी इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि बॉलीवुड में इस्लामीकरण का बोलबाला न हो, क्योंकि वास्तव में कलाकारों की कोई जाति नहीं होती है और कलाकार सबका होता है।

उन्होंने कहा कि बॉलीवुड में इस्लामीकरण होने के कारण ही हमारे संत-महात्माओं और देवी-देवताओं को हमेशा फिल्मों में गलत तरह से दिखाया जाता रहा है।  मुस्लिम निर्माता-निर्देशक कभी अपने मौलवी, मौलानाओं और इस्लाम धर्म को गलत नहीं दिखाते।  महंत नरेंद्र गिरी ने कहा कि जब हमारे देश में फिल्मों का दौर शुरू हुआ तो ऊं नम: शिवाय से फिल्मों की शुरुआत होती थी।  लोग भी साधु-संतों का सम्मान करते थे और उनके बताए मार्ग का अनुसरण कर फिल्मों में आते थे। परंतु बॉलीबुड में एक ही वर्ग का बोलबाला होने के कारण हिन्दू धर्म के देबी देवताओं को गलत दिखाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नोएडा में फिल्म सिटी बनने से ऐसा नहीं होगा।

Related Story

West Indies

137/10

26.0

India

225/3

36.0

India win by 119 runs (DLS Method)

RR 5.27
img title img title

Everyday news at your fingertips

Try the premium service

Subscribe Now!