दीपावली में उल्लू पर मंडराते खतरे के बादल

Edited By Deepika Rajput,Updated: 26 Oct, 2019 01:53 PM

dangers hover over owls in deepawali

उत्तर प्रदेश के चंबल सेंचुरी में पाए जाने वाले दुर्लभ पक्षी उल्लू की जान पर दीपावली के करीब आते ही मुश्किले आनी शुरू हो जाती हैं क्योंकि तंत्र साधना से जुड़े लोग उनकी बलि चढ़ाने की दिशा में सक्रिय हो जाते हैं।

इटावाः उत्तर प्रदेश के चंबल सेंचुरी में पाए जाने वाले दुर्लभ पक्षी उल्लू की जान पर दीपावली के करीब आते ही मुश्किले आनी शुरू हो जाती हैं क्योंकि तंत्र साधना से जुड़े लोग उनकी बलि चढ़ाने की दिशा में सक्रिय हो जाते हैं।

चंबल सेंचुरी के वन अधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि उनके संज्ञान में विभागीय स्तर पर लाया गया है कि दीपावली पर्व के मद्देनजर चंबल इलाके से दुर्लभ प्रजाति के उल्लुओं की तस्करी की जाती है। इसको लेकर कर्मचारियों को सतर्क कर दिया गया है। गुप्तचरों के जरिए उन तस्करों पर निगरानी तो रखी ही जाएगी बल्कि उनको पकड़ने की भी कवायद भी तेज कर दी गई है। उन्होंने बताया कि उल्लू भारतीय वन्य जीव अधिनियम, 1972 की अनूसूची-1 के तहत संरक्षित है, ये विलुप्त प्राय: जीवों की श्रेणी में दर्ज है। इनके शिकार या तस्करी करने पर कम से कम 3 वर्ष या उससे अधिक सजा का प्रावधान है।

बता दें कि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चंबल के उल्लुओं की कई दुर्लभ प्रजातियों की जबरदस्त मांग बताई जाती है। यही वजह है कि चंबल के बीहड़ी इलाकों में तस्कर उल्लुओं को निशाना बन रहे हैं और इन्हें तस्करी कर दिल्ली, मुंबई से लेकर जापान, अरब और यूरोपीय देशों में भेजे जाने की बात कही जाती है। दीपावली पर्व से काफी पहले से ही तस्कर उल्लुओं की तलाश में चंबल का चक्कर लगा रहे हैं।

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