'जमाखोरी की तो खैर नहीं...' चीनी की कालाबाजारी पर CM Yogi सख्त, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

Edited By Anil Kapoor,Updated: 22 Aug, 2026 02:50 PM

cm yogi strict on black marketing of sugar gives strict instructions to official

उत्तर प्रदेश सरकार के मुताबिक, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में चीनी के स्टॉक की उपलब्धता का रिव्यू किया और अधिकारियों को चीनी की जमाखोरी और ब्लैक-मार्केटिंग में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। राज्य सरकार के...

Lucknow News: उत्तर प्रदेश सरकार के मुताबिक, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में चीनी के स्टॉक की उपलब्धता का रिव्यू किया और अधिकारियों को चीनी की जमाखोरी और ब्लैक-मार्केटिंग में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। राज्य सरकार के अनुसार, उत्तर प्रदेश में चीनी मिलों में अभी कुल 179.38 लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक उपलब्ध है। इसमें कोऑपरेटिव चीनी मिलों में 23.60 लाख क्विंटल शामिल है, कॉर्पोरेशन शुगर मिलों में 5.28 लाख क्विंटल और प्राइवेट शुगर मिलों में 150.50 लाख क्विंटल चीनी जमा की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह पक्का करने का निर्देश दिया कि कोई भी व्यक्ति या संस्था 30 दिनों से ज्यादा चीनी का स्टॉक जमा न करे। उन्होंने आगे निर्देश दिया कि एक बार में 400 टन से ज्यादा चीनी स्टॉक रखने वाले डीलरों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। राज्य सरकार ने कहा कि एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट (ESMA) और दूसरे लागू नियमों के तहत उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने यह भी बताया कि राज्य में किसानों को गन्ने का रिकॉर्ड पेमेंट किया गया है। 48 लाख किसानों के बीच कुल 3,217 करोड़ रुपए बांटे गए हैं। सरकार ने कहा कि उत्तर प्रदेश में नया गन्ना पेराई सीजन 15 अक्टूबर से शुरू होने वाला है।

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इस बीच, शुक्रवार को केंद्र ने कहा कि चीनी की कीमतों में मौजूदा बढ़ोतरी कई वजहों से हुई है, जिसमें उम्मीद से कम घरेलू प्रोडक्शन, त्योहारों के मौसम से पहले बढ़ी हुई डिमांड, गन्ने की फसल को मौसम से नुकसान, दुनिया भर में चीनी की सप्लाई में कमी और सट्टेबाजी और जमाखोरी शामिल हैं।

कंज्यूमर अफेयर्स, फूड और पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन मिनिस्ट्री के मुताबिक, केंद्र मार्केट के डेवलपमेंट पर करीब से नजर रख रहा है और कंज्यूमर्स के लिए उपलब्धता और कीमत में स्थिरता बनाए रखने के लिए कई रेगुलेटरी और सप्लाई-साइड उपाय शुरू किए हैं। सरकार ने त्योहारों के मौसम में चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी को रोकने और पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं, क्योंकि घरेलू रिटेल कीमतें 20 जुलाई को 48.18 रुपए प्रति kg से बढ़कर 20 अगस्त को 55.70 रुपए प्रति kg हो गई थीं।

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मिनिस्ट्री ने कहा कि चीनी की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी का कारण इथेनॉल प्रोडक्शन के लिए चीनी का इस्तेमाल करना बताना गलत है। यह समझाते हुए कि इथेनॉल के लिए इस्तेमाल की जाने वाली चीनी का हिस्सा 2022-23 में लगभग 12 प्रतिशत से घटकर 2025-26 में लगभग 9 प्रतिशत हो गया, जबकि देश का लगभग 3-चौथाई इथेनॉल प्रोडक्शन अब अनाज, खासकर मक्के से होता है।

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