'चवन्नी से रुपया बनाया...' Akhilesh Yadav के बयान पर भड़कीं Mayawati, बोलीं- 'पूरे जाट समाज से मांगें माफी'

Edited By Anil Kapoor,Updated: 22 Aug, 2026 10:30 AM

mayawati asks akhilesh yadav to apologize to the jat community

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने शनिवार को समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी के बारे में की गई अमर्यादित...

Lucknow News: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने शनिवार को समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी के बारे में की गई अमर्यादित टिप्पणी के लिए उन्हें पूरे जाट समाज से माफी मांगनी चाहिए।

 

मायावती ने 'एक्स' पर पोस्ट में कहा कि अखिलेश यादव का यह कहना कि हमने इनको चवन्नी से रुपया बना दिया है पूरी तरह अमर्यादित, अशोभनीय और शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि अखिलेश को रालोद और उसके नेता के साथ-साथ पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के परिवार का अपमान करने के लिए पूरे जाट समाज से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा का चाल, चरित्र और चेहरा विरोधी दलों ही नहीं, बल्कि सहयोगी पार्टियों के प्रति भी संकीर्ण और जातिवादी रहा है। इसका राजनीतिक लाभ अक्सर भाजपा को मिला और सेक्युलर ताकतें कमजोर हुईं।

मायावती ने कहा कि सपा के इसी रवैये के कारण 1993 में मुलायम सिंह यादव के साथ बना सपा-बसपा गठबंधन टूट गया और दो जून 1995 को कुख्यात लखनऊ स्टेट गेस्ट हाउस कांड हुआ। उन्होंने कहा कि 2019 में अखिलेश यादव के आश्वासन पर बसपा ने फिर गठबंधन किया, लेकिन चुनावी नतीजे अनुकूल न आने के बाद सपा के अहंकारी और स्वार्थी रवैये के कारण वह भी टूट गया। मायावती ने आरोप लगाया कि सपा गठबंधन में केवल अपना काम निकालना जानती है और काम निकलने के बाद दूसरी पार्टियों के खिलाफ अनाप-शनाप भाषा का इस्तेमाल करती है।

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मायावती ने सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सपा प्रमुख राजनीतिक स्वार्थ के अनुसार 'पी' का अर्थ कभी पिछड़ा वर्ग तो कभी पंडितों का हित बताते हैं। उन्होंने कहा कि सपा अपनी जाति को छोड़कर अन्य पिछड़े वर्गों, अल्पसंख्यकों और विशेषकर ब्राह्मण समाज की हितैषी नहीं रही। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा की सरकारों में दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और सवर्ण समाज, खासकर ब्राह्मणों का शोषण हुआ और सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए। मायावती ने कहा कि सपा सरकारों में गुंडों, बदमाशों, माफियाओं और अराजक तत्वों का ही भला हुआ तथा महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति भी खराब थी। उन्होंने सर्वसमाज के लोगों से आगामी विधानसभा चुनाव में सपा को सत्ता में नहीं आने देने की अपील की।

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