Edited By Ramkesh,Updated: 21 Oct, 2026 01:00 PM

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भटनी थाना क्षेत्र के नोनापार गांव में बुधवार रात एक झोपड़ी में आग लग गई। इस हादसे में एक पिता और उनकी तीन साल की बेटी समेत 3 लोगों की मौत हो गई। घटना में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे बेहतर इलाज के लिए दूसरे...
देवरिया: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भटनी थाना क्षेत्र के नोनापार गांव में बुधवार रात एक झोपड़ी में आग लग गई। इस हादसे में एक पिता और उनकी तीन साल की बेटी समेत 3 लोगों की मौत हो गई। घटना में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया गया है। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया है।
अधिकारियों के अनुसार, बुधवार देर रात करीब 1:30 बजे झोपड़ी में आग लगी। आग की लपटें देखकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने की कोशिश की। उन्होंने फायर ब्रिगेड और पुलिस को भी सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घायलों को इलाज के लिए भटनी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने 3 लोगों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान लालचंद के बेटे 32 वर्षीय जितेंद्र, अदालत के बेटे बालकिशन और जितेंद्र की तीन साल की बेटी शानी के रूप में हुई है।
आग में जितेंद्र की पत्नी लीला गंभीर रूप से घायल हो गईं। उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया है। घटना के बाद देवरिया के पुलिस अधीक्षक (SP) अभिजीत आर. शंकर अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ गांव पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। अधिकारियों ने आग लगने के कारणों और परिस्थितियों के बारे में भी जानकारी जुटाई। भटपार रानी के क्षेत्राधिकारी (CO) मनोज कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आग की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गई थीं।
कुमार ने बताया, "बुधवार तड़के करीब 1:30 बजे नोनापार गांव में एक झोपड़ी में आग लगने की सूचना मिली। पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पा लिया। घायलों को भटनी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने 32 वर्षीय जितेंद्र (लालचंद्र के बेटे), बालकिशन (अदालत के बेटे) और जितेंद्र की तीन साल की बेटी शनी को मृत घोषित कर दिया। जितेंद्र की पत्नी लीला की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया गया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है।आग लगने के कारणों के बारे में फिलहाल कोई और जानकारी उपलब्ध नहीं है।