8 साल तक लिया सरकारी वेतन, अब पाई-पाई का हिसाब... फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर शिक्षक बना शख्स बर्खास्त

Edited By Anil Kapoor,Updated: 31 Jul, 2026 03:30 PM

teacher dismissed for getting job on the basis of fake caste certificate

बलिया जिले में फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक की नौकरी हासिल करने और करीब 8 वर्ष तक वेतन प्राप्त करने के आरोप में एक शिक्षक को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। जिला बेसिक शिक्षा...

Ballia News: बलिया जिले में फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक की नौकरी हासिल करने और करीब 8 वर्ष तक वेतन प्राप्त करने के आरोप में एक शिक्षक को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने बताया कि रसड़ा थाना क्षेत्र के रत्तोपुर गांव निवासी त्रिभुवन नारायण सिंह ने शिकायत की थी कि गांव का ही निवासी जितेंद्र राम फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अनुसूचित जनजाति खरवार का जाति प्रमाण पत्र बनवाकर बांसडीह विकासखंड के रामपुर नौबरार स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक के पद पर कार्यरत है, जबकि वह कमकर जाति से संबंधित है। उन्होंने बताया कि शिकायत की जांच रसड़ा तहसील के तहसीलदार से कराई गई।

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सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, तहसीलदार ने अपनी जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि जितेंद्र का खरवार जाति का प्रमाण पत्र निरस्त किया जा चुका है। सिंह ने कहा कि जांच से यह स्पष्ट हो गया कि जितेंद्र खरवार जनजाति का नहीं, बल्कि कमकर जाति का है। उन्होंने आरोप लगाया कि जितेंद्र राम ने फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से विभाग को गुमराह कर 5 सितंबर, 2018 को शिक्षक पद पर नियुक्ति प्राप्त की थी। उन्होंने बताया कि नियमानुसार विभागीय कार्रवाई पूरी करने के बाद जितेंद्र की भर्ती को नियुक्ति की तिथि से ही शून्य घोषित करते हुए उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।

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