Innova कार, फर्जी एंट्री और फिर UP बॉर्डर पर बड़ा एक्शन... ‘वारिस पंजाब दे’ के वांछितों संग अमेरिकी नागरिक गिरफ्तार, जानें पूरा प्लान

Edited By Anil Kapoor,Updated: 25 Jul, 2026 06:43 AM

5 people us citizen and members of  waris punjab de  sent to judicial custody

एक स्थानीय अदालत ने बीते शुक्रवार को एक अमेरिकी नागरिक, पंजाब स्थित संगठन 'वारिस पंजाब दे' के 2 सदस्यों और नेपाल के रास्ते भारत में उनके प्रवेश में मदद करने के आरोपी 3 स्थानीय ट्रैवल एजेंट को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अभियोजन पक्ष ने यह...

Bahraich News: एक स्थानीय अदालत ने बीते शुक्रवार को एक अमेरिकी नागरिक, पंजाब स्थित संगठन 'वारिस पंजाब दे' के 2 सदस्यों और नेपाल के रास्ते भारत में उनके प्रवेश में मदद करने के आरोपी 3 स्थानीय ट्रैवल एजेंट को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अभियोजन पक्ष ने यह जानकारी दी। अभियोजन सूत्रों के अनुसार प्रभारी मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संगीता गौड़ ने पांचों आरोपियों को 6 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेजा है।

बहराइच जेल भेजे गए आरोपी
सूत्रों ने बताया कि सशस्त्र सीमा बल एवं पुलिस द्वारा गुरुवार को पकड़े गये 'वारिस पंजाब दे' संगठन से जुड़े पंजाब पुलिस के वांछित अपराधी विक्रमजीत सिंह तथा अमेरिकी नागरिक मनवीर सिंह ढिल्लों को पंजाब ले जाने के लिए पंजाब पुलिस की टीम शुक्रवार सुबह बहराइच पहुंची थी, लेकिन अदालत ने आरोपियों को बहराइच जेल भेजा है। अभियोजन के अनुसार उन्हें पंजाब ले जाने के लिए वहां की अदालत से 'वारंट-बी' लाना होगा।

काठमांडू में छिपे थे 2023 के वांटेड अपराधी
बहराइच के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि पंजाब के अजनाला थाने में दर्ज 2023 के दो गंभीर आपराधिक मुकदमों में वांछित 'वारिस पंजाब दे' संगठन से जुड़ा विक्रमजीत सिंह कई दिनों से फरार था और पंजाब पुलिस को उसकी तलाश थी। विक्रमजीत पंजाब के नवांशहर जनपद के बलाचौर शहर का मूल निवासी है। पंजाब से फरार होने के बाद वह पहचान छिपाकर नेपाल के काठमांडू में रह रहा था। विक्रमजीत के साथ इसी संगठन का समर्थक अमेरिका नागरिक मनवीर सिंह ढिल्लों (32) मूल रूप से पंजाब के मोगा का निवासी है। पंजाब पुलिस मोगा के थाना भागपुरैना में साल 2023 में दर्ज एक मुकदमे में उसकी तलाश कर रही थी।

बिना वीजा एंट्री और इनोवा से पूरनपुर भागने का प्लान
एसपी के अनुसार संभवतः पुलिस की नजर में आने से बचने के लिए मनवीर ने भारत आने के लिए वीजा नहीं बनवाया था। उन्होंने बताया कि भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा स्थित रुपईडीहा क्षेत्र से पकड़े गये अपराधी अवैध तरीके से भारत में घुसे थे। इनके मददगार रूपईडीहा (बहराइच) निवासी ट्रेवल एजेंट राहुल कुमार, सुरेश पाठक एवं दिलीप पाठक सीमा पार कराने के पश्चात अपनी इनोवा कार से इन्हें उप्र के पीलीभीत जनपद के पूरनपुर ले जाने वाले थे।

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