Edited By Anil Kapoor,Updated: 03 Aug, 2026 12:19 PM

उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले सोमवार को मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के विधायकों और विधान परिषद सदस्यों ने विधान भवन परिसर में अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी सहित कई मुद्दों को लेकर प्रदर्शन....
Lucknow News: उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले सोमवार को मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के विधायकों और विधान परिषद सदस्यों ने विधान भवन परिसर में अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी सहित कई मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। विधान भवन परिसर में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने बड़ी संख्या में सपा सदस्यों ने तख्तियां, बैनर और पोस्टर लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सपा सदस्यों ने अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी, पिछले 10 वर्षों में प्रदेश में 26 हजार से अधिक सरकारी विद्यालय बंद किए जाने, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) का प्रश्नपत्र लीक होने, कानून-व्यवस्था की कथित बदहाली तथा अन्य जनसरोकारों से जुड़े मुद्दे उठाए। कुछ सदस्यों ने विरोध के प्रतीकात्मक रूप से अपने सिर पर चंदा पेटिका लिखे दानपात्र भी रखे थे।
सपा विधायक रागिनी सोनकर ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार ने प्रदेश को ऐसा तोहफा दिया है कि 2026 तक 26 हजार सरकारी विद्यालय बंद हो चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि इसके कारण 18 हजार बेटियों ने पढ़ाई छोड़ दी है। सोनकर ने कहा कि भाजपा सरकार केवल जुमलेबाजी करती है और लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ कर रही है। सपा विधायक अतुल प्रधान ने आरोप लगाया कि भाजपा और उससे जुड़े लोगों ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी जैसा पाप किया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है, लेकिन उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। सिर पर दानपात्र रखे प्रधान ने कहा कि आज हम यहां चंदा चोरों के खिलाफ अभियान लेकर आए हैं। इस दौरान कुछ सपा सदस्यों ने चंदा चोरों, गद्दी छोड़ो के नारे भी लगाए।
सपा सदस्य कमाल अख्तर ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी चरम पर है, प्रश्नपत्र लीक हो रहे हैं, नौजवान सड़कों पर हैं, उनके साथ अत्याचार और अन्याय हो रहा है, किसानों को खाद नहीं मिल रही, पूरे उत्तर प्रदेश में बाढ़ से हालात गंभीर हैं और स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता और विपक्ष के सवालों का जवाब देने से बच रही है। उन्होंने कहा कि हम इन सभी मुद्दों को सदन में उठाना चाहते हैं, लेकिन सरकार ने सत्र की अवधि कम करके चर्चा से बचने का प्रयास किया है। उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र 3 अगस्त से 6 अगस्त तक चलेगा। राज्य विधानसभा के आगामी चुनाव से पहले इसे संभवतः विधानमंडल का अंतिम सत्र माना जा रहा है। इस दौरान राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट चार अगस्त को विधानमंडल के दोनों सदनों में प्रस्तुत करेगी।