Azam Khan की फिर बढ़ीं मुश्किलें: UP से दिल्ली तक ED की रेड, जौहर यूनिवर्सिटी में छानबीन शुरू

Edited By Anil Kapoor,Updated: 19 Aug, 2026 09:28 AM

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समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती दिखाई दे रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीमों ने बुधवार तड़के आजम खान और उनके करीबियों से जुड़े करीब 10 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू कर दी। जांच एजेंसी की यह...

Rampur News: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती दिखाई दे रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीमों ने बुधवार तड़के आजम खान और उनके करीबियों से जुड़े करीब 10 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू कर दी। जांच एजेंसी की यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश के रामपुर, सहारनपुर और देश की राजधानी नई दिल्ली में एक साथ चल रही है। सूत्रों के मुताबिक, ईडी यह पूरी कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत कर रही है। केंद्रीय जांच एजेंसी मुख्य रूप से आजम खान के वित्तीय लेन-देन, संदिग्ध फंडिंग और कथित वित्तीय अनियमितताओं की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

ईडी की टीमों ने आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी और इससे संचालित होने वाले मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को जांच के केंद्र में रखा है। रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी परिसर और ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों के आवासों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की कड़ी निगरानी में छापेमारी जारी है। इस दौरान वित्तीय दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों को गहनता से खंगाला जा रहा है।

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जांच एजेंसियों के अनुसार, यह पूरी जांच सरकारी ठेकों में हुई गड़बड़ियों और निजी ठेकेदारों के जरिए फंड्स के अवैध डायवर्जन से जुड़ी हुई है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि कुछ निजी ठेकेदारों ने सरकारी ठेकों से मिले पैसों का एक बड़ा हिस्सा गैर-कानूनी तरीके से जौहर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी के खातों में ट्रांसफर किया था। आरोप है कि इस रकम का इस्तेमाल यूनिवर्सिटी के निर्माण कार्यों, संपत्तियों की खरीद और भारी-भरकम डोनेशन के रूप में किया गया।

ईडी के इस सर्च ऑपरेशन का मुख्य मकसद अपराध से अर्जित संपत्ति, संदिग्ध बैंक ट्रांजेक्शन, वित्तीय रिकॉर्ड और कागजी व डिजिटल सबूतों को ज़ब्त करना है। छापेमारी के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और जौहर ट्रस्ट के पदाधिकारियों, ठेकेदारों और वित्तीय सलाहकारों से भी पूछताछ की जा रही है।
 

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