Edited By Anil Kapoor,Updated: 21 Aug, 2026 07:03 AM

जिले के रानीनागल गांव में इन दिनों एक ऐसी शादी की चर्चा है, जिसने सामाजिक बंदिशों और पारिवारिक विरोध को पीछे छोड़कर एक नया मोड़ लिया है. करीब 5 साल पहले एक सड़क हादसे में पति को खो चुकी 3 बच्चों की मां तबस्सुम ने 6 बच्चों के पिता मोहम्मद उमर के...
Moradabad News: जिले के रानीनागल गांव में इन दिनों एक ऐसी शादी की चर्चा है, जिसने सामाजिक बंदिशों और पारिवारिक विरोध को पीछे छोड़कर एक नया मोड़ लिया है. करीब 5 साल पहले एक सड़क हादसे में पति को खो चुकी 3 बच्चों की मां तबस्सुम ने 6 बच्चों के पिता मोहम्मद उमर के साथ नई गृहस्थी बसा ली है। दोनों ने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर पहले धार्मिक और कानूनी तरीके से शादी की, और फिर गांव की पंचायत में अपने फैसले पर अडिग रहकर एक साथ जीने-मरने की कसम खाई।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, रानीनागल की रहने वाली तबस्सुम के पति रियाजुल की 5 साल पहले एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। तब से वह अपने 3 बच्चों के पालन-पोषण के लिए ससुराल में ही रह रही थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात कोरबांकू निवासी मोहम्मद उमर से हुई, जो पेशे से मैकेनिक हैं। उमर की पहली पत्नी उन्हें छोड़कर जा चुकी थीं और उन्होंने दूसरी शादी कर ली थी।समान परिस्थितियों और अकेलेपन के बीच दोनों की बातचीत शुरू हुई, जो धीरे-धीरे एक-दूसरे को समझने और साथ जिंदगी बिताने के फैसले में बदल गई।
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बताया जा रहा है कि रिश्तेदार इस शादी के हक में नहीं थे, इसलिए तबस्सुम और उमर ने परिजनों को बिना बताए पहले कलियर शरीफ जाकर निकाह किया और फिर कोर्ट मैरिज भी कर ली। हालांकि, जब इस बात की भनक परिजनों को लगी, तो घर में भारी विवाद खड़ा हो गया। मामला गहराने पर ग्राम प्रधान जाहिद हुसैन की अगुवाई में गांव में पंचायत बुलाई गई। पंचायत के दौरान तबस्सुम के ससुराल वालों ने उनसे दूरी बनाने की बात कही।
जब पंचायत ने तबस्सुम और उमर से उनकी राय मांगी, तो दोनों ने साफ कह दिया कि वे अपनी मर्जी से साथ आए हैं और अब अलग नहीं होंगे। इसके बाद उमर ने तबस्सुम और उनके तीनों बच्चों की पूरी जिम्मेदारी उठाने का भरोसा दिया. उमर ने किराए के मकान, खरीदे गए प्लॉट और बच्चों के भरण-पोषण से जुड़ा हलफनामा भी दाखिल किया।
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पंचायत की सहमति मिलते ही तबस्सुम ने अपना सामान समेटा और तीनों बच्चों को लेकर उमर के साथ नए घर के लिए रवाना हो गईं। अब उमर के 6 और तबस्सुम के 3 बच्चों को मिलाकर इस नए परिवार में कुल 9 बच्चे हैं। वहीं गांव में यह शादी कौतूहल का विषय बनी हुई है। लोग इस बात की सराहना भी कर रहे हैं कि 2 लोगों ने अपने पुराने दुखों को भूलकर न केवल एक-दूसरे का सहारा बनने का फैसला किया, बल्कि 9 बच्चों के भविष्य को संभालने की बड़ी जिम्मेदारी भी उठाई है।