Edited By Purnima Singh,Updated: 08 Jul, 2026 11:34 AM

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कामकाज में किसी का हस्तक्षेप नहीं है और ट्रस्ट के अनुरोध पर सरकार ने चढ़ावे की कथित चोरी मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी)...
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कामकाज में किसी का हस्तक्षेप नहीं है और ट्रस्ट के अनुरोध पर सरकार ने चढ़ावे की कथित चोरी मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। योगी ने एसआईटी जांच के शुरुआती नतीजों का जिक्र करते हुए कहा कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर पहले ही कार्रवाई शुरू कर दी थी।
उन्होंने कहा, "अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने प्रदेश सरकार से एसआईटी के गठन की बात की थी और मैंने कहा था कि एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगी।" मुख्यमंत्री ने कहा, "रामजन्मभूमि में एक घटना घटित हुई तो ट्रस्ट ने विनम्रता के साथ उत्तर प्रदेश सरकार को लिखा कि अगर हम सफाई देंगे तो हो सकता है कि लोगों को विश्वास न हो, हम चाहते हैं कि सरकार एसआईटी गठित करे और सच्चाई सामने आना चाहिए। जांच होनी चाहिए।" योगी ने कहा कि अयोध्या में एसआईटी जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर ट्रस्ट ने कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई और उसके आधार पर जिनके खिलाफ साक्ष्य थे, उनके विरुद्ध कार्रवाई भी की है।
उन्होंने कहा, "सपा और कांग्रेस से यह सवाल पूछा जाना चाहिए कि तुम लोगों को क्या अधिकार है? ट्रस्ट मंदिर की व्यवस्था का संचालन कर रहा है। उसके कार्य में किसी का हस्तक्षेप नहीं है।" योगी ने कहा कि जब तक एसआईटी गठित नहीं की गयी थी तो समाजवादी पार्टी और कांग्रेस कहते थे कि एसआईटी गठित होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके बाद दूसरी मांग करना शुरू कर दिया और पिछले एक महीने से पावन धाम अयोध्या को बदनाम करने के लिये सपा व कांग्रेस ने मुहिम चला रखी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या को निशाना बनाया जा रहा है और कांग्रेस व समाजवादी पार्टी देश में नकारात्मक वातावरण बनाने का प्रयास कर रही हैं।