राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा मोड़, पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा के खिलाफ SIT को  मिले कई सबूत, अब बड़े एक्शन की तैयारी

Edited By Purnima Singh,Updated: 08 Jul, 2026 12:18 PM

sit finds multiple evidence against former ram mandir trustee anil mishra

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े चढ़ावा चोरी मामले की जांच में नया मोड़ सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी की जांच में ट्रस्ट के पूर्व सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा की भूमिका को लेकर कई अहम बिंदु सामने आए हैं। हालांकि, अब तक किसी जांच...

अयोध्या: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े चढ़ावा चोरी मामले की जांच में नया मोड़ सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी की जांच में ट्रस्ट के पूर्व सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा की भूमिका को लेकर कई अहम बिंदु सामने आए हैं। हालांकि, अब तक किसी जांच एजेंसी या पुलिस ने उन्हें आधिकारिक रूप से आरोपी घोषित नहीं किया है।

SIT को मिले अहम सबूत 
सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान ऐसे तथ्य सामने आए हैं जिनकी पुष्टि की प्रक्रिया जारी है। जांच एजेंसियों का मानना है कि दान संग्रह और वित्तीय व्यवस्था की निगरानी से जुड़े होने के बावजूद कथित अनियमितताओं को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए।

सुरक्षा नियमों में ढील का आरोप
बताया जा रहा है कि दानपात्रों की गणना प्रक्रिया के दौरान गणनाकर्मियों की ड्रेस, बायोमेट्रिक सत्यापन और तलाशी जैसे सुरक्षा प्रावधानों में कथित रूप से ढील दी गई थी। SIT की जांच में इन्हीं पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है कि कहीं इन बदलावों की वजह से चोरी की आशंका तो नहीं बढ़ी।

बैंक कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
जांच के दौरान कुछ बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की कथित भूमिका भी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां 3 से 4 बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की संभावना पर विचार कर रही हैं।

ट्रस्ट की वित्तीय व्यवस्था पर उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट के नामित कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी की भूमिका सीमित थी और वे अधिकांश समय प्रवास पर रहने के कारण दानपात्रों की गणना प्रक्रिया से सीधे तौर पर जुड़े नहीं थे। वहीं, ट्रस्ट की वित्तीय व्यवस्था और खर्च से जुड़े कार्यों में अन्य पदाधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

चंपत राय बोले- अंतिम रिपोर्ट के बाद देंगे जवाब
इस पूरे मामले पर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने लिखित बयान जारी कर कहा है कि उन्होंने फिलहाल इस संवेदनशील मामले पर मौन रखा है। उनका कहना है कि SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद वे सभी आरोपों पर क्रमवार प्रतिक्रिया देंगे।

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