Edited By Purnima Singh,Updated: 08 Jul, 2026 05:15 PM

उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में छेड़छाड़ के एक मामले में एट थाने के तत्कालीन प्रभारी (एसएचओ), एक उपनिरीक्षक (एसआई) और छह अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी ...
जालौन : उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में छेड़छाड़ के एक मामले में एट थाने के तत्कालीन प्रभारी (एसएचओ), एक उपनिरीक्षक (एसआई) और छह अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। एट के वर्तमान थाना प्रभारी दिलीप कुमार ने बताया कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के आदेश का पालन करते हुए मंगलवार रात प्राथमिकी दर्ज की गई।
किन लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मामला
उन्होंने बताया कि मामला एट के पूर्व थानाध्यक्ष पंकज पांडेय, तत्कालीन उपनिरीक्षक अभिषेक पोरवाल, दो अज्ञात पुलिसकर्मियों, छेड़छाड़ मामले के अभियुक्त कार्तिक त्रिपाठी और उसके तीन अज्ञात साथियों के खिलाफ दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच शुरू कर दी गई है।
महिला ने लगाए छेड़छाड़ के आरोप
अदालत में दी गई शिकायत के अनुसार, एट कस्बे की एक महिला ने आरोप लगाया कि 26 फरवरी को कार्तिक त्रिपाठी और उसके साथियों ने उससे छेड़छाड़ की, अभद्र व्यवहार किया और जबरन कार में बिठाने की कोशिश की। महिला ने आरोप लगाया कि जब उसने विरोध किया, तो आरोपियों ने उसे गाड़ी से कुचलने का प्रयास किया, लेकिन आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचा लिया।
पुलिस पर कार्रवाई न करने और आरोपी को बचाने का आरोप
महिला का आरोप है कि उसने पुलिस को सूचना दी और 28 फरवरी को लिखित शिकायत भी दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। महिला ने यह आरोप भी लगाया कि तत्कालीन थाना प्रभारी ने मुख्य आरोपी को बचाने की कोशिश की।
मारपीट, मोबाइल छीनने और धमकी देने का भी आरोप
शिकायत में कहा गया है कि जब महिला ने घटना का वीडियो बनाने का प्रयास किया, तो थाना प्रभारी, उपनिरीक्षक और अन्य पुलिसकर्मियों ने मारपीट की, उसका मोबाइल फोन छीन लिया, समझौता करने का दबाव बनाया और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट का लिया सहारा
शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और सरकारी अधिकारियों से भी शिकायत की तथा सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की। महिला के अनुसार जब कहीं से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो उसने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 173(4) के तहत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में याचिका दायर की। इसके बाद अदालत ने प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है।