Edited By Ramkesh,Updated: 05 Apr, 2026 07:51 PM

संसद की बैठक से पहले वर्ष 2029 में देश मे महिला आरक्षण लागू कराने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को लेकर समाजवादी पाटर्ी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र की सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए है। उन्होंने कहा कि 'पहले जनगणना कराई...
लखनऊ: संसद की बैठक से पहले वर्ष 2029 में देश मे महिला आरक्षण लागू कराने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को लेकर समाजवादी पाटर्ी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र की सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए है। उन्होंने कहा कि 'पहले जनगणना कराई जाए फिर महिला आरक्षण की बात उठाई जाए।
रविवार को सोशल मीडिया के जरिये अखिलेश यादव ने कहा कि जब गिनती ही गलत होगी तो आरक्षण कैसे सही होगा। अगर किसी काम को करने की सही मंशा होती है, तो शंका नहीं होती है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल का तो आधार ही निराधार है। आरक्षण का आधार अगर कुल सीटों का 1/3 (एक तिहाई) है तो इसका मतलब हुआ कि ये गणित का विषय है और गणित का आधार अंक होते हैं, संख्याएं होती हैं, कोई हवा हवाई बात नहीं।
यादव ने कहा कि इस तरह के मामले में संख्या का आधार जनसंख्या होती है, जिसका आधार जनगणना होती है। जब महिलाओं की जनसंख्या के लिए 2011 के पुराने आँकड़ों को आधार बनाएंगे तो महिला आरक्षण की आधारभूमि ही गलत होगी, जब भूमि में ही दोष होगा तो सच्ची फसल कैसे उगेगी। अखिलेश यादव ने कहा कि 'हमारी सबसे बड़ी आपत्ति यही है कि 'पहले जनगणना कराई जाए फिर महिला आरक्षण की बात उठाई जाए।
जो सरकार महिलाओं को गिनना नहीं चाहती है, वो भला उन्हें आरक्षण क्या देगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ भाजपा और उनके संगी-साथी जो धोखा करना चाहते हैं, महिलाओं के साथ वो छलावा हम नहीं होने देंगे। कुल मिलाकर सरकार से हमारा कहना है कि जब तक जनगणना नहीं, तब तक महिला आरक्षण पर बहस करना नहीं।