Edited By Anil Kapoor,Updated: 09 Jun, 2026 07:59 AM

उत्तर प्रदेश पुलिस ने दावा किया है कि मेटा और पुलिस के बीच विकसित समन्वय व्यवस्था के तहत मेरठ जिले में 25 वर्षीय एक युवक की जान बचाई गई। पुलिस के अनुसार, इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से संबंधित वीडियो पोस्ट किए जाने के बाद मेटा की ओर से प्राप्त सुसाइडल...
Meerut News: उत्तर प्रदेश पुलिस ने दावा किया है कि मेटा और पुलिस के बीच विकसित समन्वय व्यवस्था के तहत मेरठ जिले में 25 वर्षीय एक युवक की जान बचाई गई। पुलिस के अनुसार, इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से संबंधित वीडियो पोस्ट किए जाने के बाद मेटा की ओर से प्राप्त सुसाइडल अलर्ट पर तुरंत कार्रवाई करते हुए सरधना थाने की पुलिस महज 8 मिनट में युवक तक पहुंची और उसे अस्पताल में भर्ती कराया।
इंस्टाग्राम पर वीडियो और शाम 6:53 बजे मेटा का सुसाइडल अलर्ट
पुलिस द्वारा जारी बयान के अनुसार, सरधना क्षेत्र के निवासी युवक ने 7 जून को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें वह सफेद रंग का एक तरल पदार्थ पीता दिखाई दे रहा था। वीडियो पर लिखा था कि अब तुम खुश रहना अपनी लाइफ में। पुलिस ने बताया कि शाम 6 बजकर 53 मिनट पर मेटा ने इस पोस्ट के संबंध में पुलिस मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया सेंटर को सुसाइडल अलर्ट भेजा।
युवक को गंभीर हालत में अस्पताल में कराया भर्ती
पुलिस महानिदेशक के निर्देशानुसार सोशल मीडिया सेंटर ने उपलब्ध मोबाइल नंबर और लोकेशन के आधार पर तुरंत मेरठ पुलिस को सूचना दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में सरधना थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए युवक के घर पहुंचकर उसकी तलाश की। मौके पर उसकी हालत गंभीर पाई गई। उसके पास एक संदिग्ध तरल पदार्थ की शीशी भी मिली। पुलिसकर्मियों ने परिजनों की सहायता से युवक को निकटवर्ती अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के बाद उसकी स्थिति सामान्य हो गई।
UP पुलिस मेटा के सहयोग से अब तक 3,011 जानें बचा चुकी
पूछताछ में युवक ने बताया कि प्रेम संबंध टूटने के कारण वह मानसिक तनाव और अवसाद से गुजर रहा था, जिसके चलते उसने आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास किया। पुलिस ने उसकी और उसके परिजनों की काउंसलिंग कर आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया। बयान के अनुसार, उत्तर प्रदेश पुलिस और मेटा के बीच वर्ष 2022 से संचालित व्यवस्था के तहत फेसबुक और इंस्टाग्राम पर आत्महत्या संबंधी पोस्ट की जानकारी तुरंत पुलिस को उपलब्ध कराई जाती है। पुलिस के अनुसार, एक जनवरी 2023 से 31 मई 2026 तक प्राप्त ऐसे अलर्ट पर कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस 3,011 लोगों की जान बचा चुकी है।