Edited By Purnima Singh,Updated: 24 Jun, 2026 12:15 PM

अलीगंज अग्निकांड के बाद निलंबित किए गए फायर स्टेशन सेकेंड ऑफिसर (एफएसएसओ) कमलेंद्र कुमार सिंह के दो अलग-अलग वीडियो सामने आने से नया विवाद खड़ा हो गया है। पहले वीडियो में उन्होंने अपने निलंबन को अन्यायपूर्ण बताते हुए हादसे की जिम्मेदारी वरिष्ठ...
Lucknow Fire Tragedy: अलीगंज अग्निकांड के बाद निलंबित किए गए फायर स्टेशन सेकेंड ऑफिसर (एफएसएसओ) कमलेंद्र कुमार सिंह के दो अलग-अलग वीडियो सामने आने से नया विवाद खड़ा हो गया है। पहले वीडियो में उन्होंने अपने निलंबन को अन्यायपूर्ण बताते हुए हादसे की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारियों पर डालने की कोशिश की, जबकि बाद में जारी दूसरे वीडियो में उन्होंने अपने बयान से पलटते हुए उसे आवेश और भ्रम की स्थिति में दिया गया बयान बताया तथा सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली।
सस्पेंड FSSO ने CM Yogi को लिखी चिट्ठी
पहले वायरल वीडियो में कमलेंद्र सिंह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक पत्र पढ़ते नजर आए। उन्होंने कहा कि अलीगंज अग्निकांड के बाद उनके खिलाफ की गई कार्रवाई एकतरफा और अन्यायपूर्ण है। उनका दावा था कि एफएसएसओ के अधिकार सीमित होते हैं और उनकी भूमिका केवल स्थानीय निरीक्षण तथा रिपोर्ट तैयार करने तक ही सीमित रहती है।
मामले में कमलेंद्र सिंह ने खोल दी पूरी पोल
उन्होंने अपने बयान में कहा कि भवनों को फायर क्लीयरेंस देने और शहर की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की मुख्य जिम्मेदारी मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) की होती है। कमलेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि जिस इमारत में हादसा हुआ, उसका उपयोग वर्षों से स्वीकृत मानकों के विपरीत किया जा रहा था और इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को होनी चाहिए थी। उन्होंने आग लगने के बाद राहत एवं बचाव कार्य में हुई कथित देरी और समन्वय की कमी को भी गंभीर मुद्दा बताया।
हालांकि कुछ समय बाद सामने आए दूसरे वीडियो में कमलेंद्र सिंह ने अपने पहले बयान से दूरी बना ली। उन्होंने कहा कि 22 जून की दुर्घटना में 15 लोगों की मौत से वह बेहद दुखी और मानसिक रूप से परेशान थे। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने उन्हें भ्रमित कर वीडियो बनवा लिया। उन्होंने कहा कि वह वायरल वीडियो का खंडन करते हैं और अपने वरिष्ठ अधिकारियों पर पूरा भरोसा रखते हैं। साथ ही उन्होंने अपने बयान के लिए क्षमा भी मांगी।