UP में ब्रिगेडियर बनकर घूम रहा 21 साल का फर्जी अफसर गिरफ्तार, NSG कमांडो की वेशभूषा में थे साथी

Edited By Anil Kapoor,Updated: 13 Jun, 2026 07:26 AM

vigilance by army and ex servicemen nabs fake brigadier in up

स्टेशन मुख्यालय शाहजहांपुर द्वारा पूर्व सैनिकों के सहयोग से चलाए गए एक सुनियोजित अभियान में सेना के वरिष्ठ अधिकारी के रूप में खुद को प्रस्तुत कर रहे एक कथित फर्जी ब्रिगेडियर को गिरफ्तार किया गया है। यह जानकारी एक आधिकारिक बयान में....

Shahjahanpur News: स्टेशन मुख्यालय शाहजहांपुर द्वारा पूर्व सैनिकों के सहयोग से चलाए गए एक सुनियोजित अभियान में सेना के वरिष्ठ अधिकारी के रूप में खुद को प्रस्तुत कर रहे एक कथित फर्जी ब्रिगेडियर को गिरफ्तार किया गया है। यह जानकारी एक आधिकारिक बयान में दी गई। बयान के अनुसार, गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान 21 वर्षीय आर्यन वर्मा के रूप में हुई है। वह ब्रिगेडियर की वर्दी पहने हुए था और एक टाटा हैरियर कार में घूम रहा था, जिस पर वन-स्टार प्लेट और सेना मुख्यालय का ध्वज लगा हुआ था। उसके कब्जे से ब्रिगेडियर का कथित फर्जी पहचान पत्र, पिस्टलनुमा हथियार, एएमसी रेजिमेंटल केन तथा सेना से संबंधित अन्य सामग्री बरामद की गई है।

छात्रों के सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि बनकर आया था फर्जी ब्रिगेडियर
बयान में कहा गया है कि पिछले लगभग 2 महीनों से शाहजहांपुर और आसपास के क्षेत्रों में एक संदिग्ध व्यक्ति के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी की वर्दी पहनकर घूमने की सूचनाएं मिल रही थीं। इन सूचनाओं के आधार पर स्टेशन मुख्यालय के प्रशासनिक कमांडेंट कर्नल जे.एस. जगलान ने स्थानीय पूर्व सैनिकों के साथ समन्वय स्थापित कर उसकी पहचान सत्यापित करने और उसे पकड़ने की योजना बनाई। अभियान के तहत आरोपी को स्थानीय विद्यार्थियों के सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। शाहिद संग्रहालय में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचने के बाद उसकी पहचान की पुष्टि की गई और उसे उसके साथियों समेत पकड़ लिया गया। उसके साथ मौजूद दो व्यक्ति काले कपड़े पहने हुए थे और एनएसजी कमांडो जैसी वेशभूषा में दिखाई दे रहे थे।

पकड़े गए जालसाजों को किया पुलिस के हवाले
पुलिस के अनुसार, चालक के पास से भारत सरकार का एक पहचान पत्र भी बरामद हुआ है। अभियान के बाद आरोपी, उसके सहयोगियों और बरामद सामग्री को आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए सदर थाना, शाहजहांपुर पुलिस को सौंप दिया गया। स्टेशन मुख्यालय ने कहा कि यह कार्रवाई सेना और पूर्व सैनिकों की सतर्कता तथा आपसी समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है। बयान में कहा गया कि सेना की वर्दी, पहचान और प्रतीकों का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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