लखनऊ अग्निकांड: 15 बच्चों की मौ'त से दहला UP, Yogi सरकार का कड़ा एक्शन, 4 अधिकारी निलंबित; चार आरोपी गिरफ्तार, 6 पर FIR

Edited By Purnima Singh,Updated: 23 Jun, 2026 08:31 AM

4 accused arrested in lucknow fire incident

लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को एक व्यावसायिक इमारत में आग लगने के कारण झुलसने से 15 लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि घटना के सिलसिले में अलीगंज थाने में छह नामजद आरोपियों और अन्य जिम्मेदार लोगों...

Lucknow News : लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को एक व्यावसायिक इमारत में आग लगने के कारण झुलसने से 15 लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि घटना के सिलसिले में अलीगंज थाने में छह नामजद आरोपियों और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। 

बिल्डिंग मालिक, कोचिंग संचालक समेत चार गिरफ्तार 
उन्होंने बताया कि यह प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता की धारा 110 (गैर-इरादतन हत्या की कोशिश), 105 (गैर-इरादतन हत्या), 125 (लापरवाही या असावधानी से किया गया काम जिससे इंसान की जान को खतरा हो) और उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपात सेवा अधिनियम के प्रावधानों के तहत दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों में अलीगंज के सेक्टर-डी के निवासी राम कृष्ण उपाध्याय (43), सीतापुर मार्ग क्षेत्र के रहने वाले वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (62), बालागंज इलाके के रहने वाले तुषार कृष्ण जायसवाल (31) और आईटी कंपनी के संचालक सुरेश साहू शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि पकड़े गये आरोपी इमारत के संयुक्त रूप से मालिक हैं। 

चार अधिकारी तत्काल प्रभाव से निलंबित
अग्निकांड की घटना के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासन ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। प्रारंभिक जांच में लापरवाही के संकेत मिलने पर चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबित अधिकारियों में बिजली विभाग के जानकीपुरम क्षेत्र के अधिशासी अभियंता (कलेक्शन) गौरव कुमार, इंदिरा नगर के फायर अधिकारी कमलेन्द्र कुमार सिंह, लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के सहायक अभियंता अनिल कुमार तथा जूनियर इंजीनियर प्रमोद पांडे शामिल हैं।

सरकार का कहना है कि हादसे की विस्तृत जांच कराई जा रही है और यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या जिम्मेदारी तय होती है तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।

अधिकारियों ने बताया कि आरोपों के मुताबिक इमारत को रिहायशी इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिली थी लेकिन वाणिज्यिक कार्यों के लिए गैर-कानूनी तरीके से इसका इस्तेमाल किया जा रहा था। अलीगंज के सहायक पुलिस आयुक्त शशि प्रकाश मिश्रा ने मीडिया को बताया कि आरोपों की जांच की जा रही है और उचित कार्रवाई की जाएगी। 
 

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