Edited By Anil Kapoor,Updated: 13 Jun, 2026 08:27 AM

उत्तर प्रदेश के कानपुर में साइबर अपराध पुलिस ने समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव को निशाना बनाकर किए गए आपत्तिजनक व भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट प्रसारित करने के आरोप में 3 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज....
Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर में साइबर अपराध पुलिस ने समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव को निशाना बनाकर किए गए आपत्तिजनक व भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट प्रसारित करने के आरोप में 3 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। सपा की अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव परवीन यादव ने एक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद यह मामला गुरुवार को सामने आया।
FIR में भरत, नागेश्वर और विनोद नामजद
शिकायत में आरोप लगाया गया कि अदिति यादव की छवि को धूमिल करने और सपा प्रमुख के परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के इरादे से अपमानजनक व मनगढ़ंत सामग्री ऑनलाइन साझा की गई थी। प्राथमिकी में भरत कुमार पटेल, नागेश्वर सिंह बघेल और विनोद कुमार यादव को नामजद किया गया है। शिकायत के अनुसार, 9 जून को भरत कुमार पटेल नाम के सोशल मीडिया पर एक खाते से कथित तौर पर अपलोड किए गए एक पोस्ट में अदिति यादव के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियों के साथ-साथ झूठे और भ्रामक दावे शामिल थे।
तस्वीर एडिट कर अदिति को आपराधिक गतिविधियों से जोड़ा
एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पोस्ट में उन्हें कथित तौर पर चोरी और आपराधिक गतिविधियों से जोड़ा गया तथा उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने के इरादे से एक संपादित तस्वीर भी पोस्ट की गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सामग्री जानबूझकर गढ़ी गई थी और एक सम्मानित परिवार को बदनाम करने व सार्वजनिक आक्रोश भड़काने के लिए प्रसारित की गई थी। उन्होंने दावा किया कि 2 अन्य आरोपियों ने मूल पोस्ट के जवाब में अपमानजनक टिप्पणियां पोस्ट कीं।
सोशल मीडिया खातों की फोरेंसिक जांच शुरू
अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) विपिन ताडा ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि भरत कुमार पटेल, नागेश्वर सिंह बघेल और विनोद कुमार यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि लगाई गई धाराएं महिला की गरिमा का अपमान करने, प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के इरादे से जालसाजी व आपत्तिजनक सामग्री के इलेक्ट्रॉनिक प्रसारण के माध्यम से गोपनीयता का उल्लंघन करने से संबंधित हैं। टाडा ने बताया कि मामले की जांच साइबर अपराध थाने द्वारा की जा रही है। साइबर अपराध प्रभारी निरीक्षक सतीश यादव ने बताया कि अपलोड किए गए पोस्ट, उपयोग किए गए उपकरणों और इसमें शामिल लोगों की पहचान के लिए सोशल मीडिया पोस्ट की फोरेंसिक जांच तथा खातों की डिजिटल ट्रेसिंग जारी है।