उत्तराखंड में शुरू देश का पहला वन चिकित्सा केंद्र, पर्यटकों के लिए बनाए गए ट्री प्लेटफार्म

Edited By Nitika,Updated: 08 Mar, 2021 12:07 PM

first forest medical center started in uttarakhand

लोगों को प्रकृति के सीधे संपर्क में लाकर उन्हें स्वस्थ बनाने की अवधारणा पर आधारित देश का पहला वन चिकित्सा केंद्र रविवार को रानीखेत के निकट कालिका में जनता के लिए शुरू कर दिया गया।

 

देहरादूनः लोगों को प्रकृति के सीधे संपर्क में लाकर उन्हें स्वस्थ बनाने की अवधारणा पर आधारित देश का पहला वन चिकित्सा केंद्र रविवार को रानीखेत के निकट कालिका में जनता के लिए शुरू कर दिया गया। इसके प्रवेशद्वार के दोनों ओर लगे साइनबोर्ड वहां आने वाले लोगों को पेड़ों को गले लगाने, घास पर नंगे पांव चलने, पीठ के बल लेटने और झूमते पेड़ों या आसमान को निहारने की सलाह देते हैं।

पर्यटकों को ध्यान लगाने के लिए पूरे तौर पर प्राकृतिक माहौल उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से वहां छोटे-छोटे लकड़ी के ढांचे ट्री प्लेटफार्म बनाए गए हैं। वहीं मुख्य वन संरक्षक संजीव चतुर्वेदी ने बताया कि उत्तराखंड वन विभाग की अनुसंधान शाखा ने वन स्नान की जापानी तकनीक-शिनरिन या योकू-से प्रेरणा लेते हुए इस चिकित्सा केंद्र को तैयार किया है। करीब 13 एकड़ से ज्यादा क्षेत्रफल में फैले इस वन चिकित्सा केंद्र का उद्घाटन रानीखेत के प्रख्यात पर्यावरणविद जोगिंदन बिष्ट ने किया। चतुर्वेदी ने बताया कि यह पता चला है कि पेड़ों को गले लगाने से शरीर में अच्छे हार्मोन जैसे ऑक्सीटोसिन, सेराटोनिन और डोपामाइन का स्तर बढ़ जाता है।

बता दें कि यह चिकित्सा केंद्र चीड़ की बहुतायत वाले जंगल में बनाया गया है क्योंकि विभिन्न अध्ययनों से पता चला है कि चीड़ जैसे वृक्ष विभिन्न बीमारी वाले प्राणियों से बचने के लिए कुछ तैलीय तत्व निकालते रहते हैं। विभिन्न शोधों में यह भी पाया गया है कि ये तत्व खून में नेचुरल किलर कोशिकाओं को बढ़ा देते हैं, जिससे संक्रमणों और कैंसर से लड़ने की तथा शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

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