Edited By Mamta Yadav,Updated: 21 Sep, 2022 06:08 PM

उत्तर प्रदेश विधान परिषद में बुधवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्यों ने पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं विधायक मोहम्मद आजम खां को फर्जी आरोपों में फंसाये जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। नतीजतन, प्रश्नकाल की कार्यवाही नहीं हो सकी।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधान परिषद में बुधवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्यों ने पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं विधायक मोहम्मद आजम खां को फर्जी आरोपों में फंसाये जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। नतीजतन, प्रश्नकाल की कार्यवाही नहीं हो सकी।

प्रश्नकाल को बाधित करना निश्चित रूप से गलत: मौर्य
पूर्वाह्न 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सपा सदस्यों ने आजम खां के खिलाफ सरकार द्वारा उत्पीड़नात्मक कार्रवाई करते हुए फर्जी मामलों में मुकदमे दर्ज किए जाने का विरोध किया। सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने सपा सदस्यों से कहा कि प्रश्नकाल के बाद ही इस मामले को उठाया जा सकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रश्नकाल के बाद वह उनकी पूरी बात सुनेंगे। इसके बावजूद सपा सदस्य अपनी बात कहते रहे। नेता सदन उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रश्नकाल को बाधित करना निश्चित रूप से गलत है। इसी दौरान सपा के सदस्य सदन के बीचोबीच आ गए। सभापति ने उन्हें अपने-अपने स्थान पर बैठने को कहा लेकिन सदन को व्यवस्थित नहीं होते देख उन्होंने सदन की कार्यवाही पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

आजम खां पर भ्रष्टाचार तथा चोरी समेत 90 मुकदमे दर्ज
सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर सपा के सदस्य आजम खां के मुद्दे पर ही चर्चा कराने की मांग करते रहे। इस दौरान उन्होंने सरकार विरोधी नारेबाजी भी की। इस पर सभापति ने सदन की कार्यवाही अपराह्न 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इस प्रकार प्रश्नकाल नहीं हो सका। गौरतलब है कि सपा के वरिष्ठ नेता और रामपुर सदर से पार्टी विधायक मोहम्मद आजम खां पर भ्रष्टाचार तथा चोरी समेत विभिन्न आरोपों में करीब 90 मुकदमे दर्ज हैं। उनके खिलाफ मंगलवार को नगर पालिका की सफाई मशीन चोरी कर अपने द्वारा स्थापित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के काम में लेने और उसके बाद उसे जमीन में गाड़ देने के आरोप में एक और मुकदमा दर्ज किया गया है।