Edited By Anil Kapoor,Updated: 06 Aug, 2026 10:03 AM

प्राथमिक विद्यालय छंगापुर में मिड-डे मील के नाम पर मासूम बच्चों की सेहत से खिलवाड़ का एक गंभीर मामला सामने आया है। स्कूल में बच्चों को पानी जैसी पतली सब्जी और जली हुई रोटियां परोसी जा रही थीं। इसका वीडियो इंटरनेट पर वायरल होते ही हड़कंप....
Sitapur News: प्राथमिक विद्यालय छंगापुर में मिड-डे मील के नाम पर मासूम बच्चों की सेहत से खिलवाड़ का एक गंभीर मामला सामने आया है। स्कूल में बच्चों को पानी जैसी पतली सब्जी और जली हुई रोटियां परोसी जा रही थीं। इसका वीडियो इंटरनेट पर वायरल होते ही हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। स्कूल की प्रधानाध्यापक को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि दोषी रसोइया की सेवा समाप्त कर दी गई है।
मिली जानकारी के मुताबिक, घटना का वीडियो सोमवार शाम को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. ने बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल को खुद मौके पर जाकर जांच करने और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। बुधवार को बीएसए छंगापुर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय पहुंचे और वहां मौजूद विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों के बयान दर्ज किए।
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बताया जा रहा है कि जांच के दौरान एमडीएम की गुणवत्ता को लेकर भारी लापरवाही की पुष्टि हुई। ग्रामीणों और बच्चों ने बताया कि स्कूल में अक्सर खराब गुणवत्ता की दाल-सब्जी बनती थी और बच्चों को तय मात्रा में दूध भी नहीं बांटा जाता था। जांच रिपोर्ट के आधार पर बीएसए ने प्रधानाध्यापक कल्पना वर्मा को निलंबित कर दिया और रसोइया अनीता को बर्खास्त कर दिया।
लापरवाही की गाज केवल स्कूल स्टाफ तक ही सीमित नहीं रही। पर्यवेक्षण में शिथिलता बरतने के आरोप में खंड शिक्षा अधिकारी उदयमणि पटेल को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है, जबकि एमडीएम के जिला समन्वयक बृज मोहन सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच बीईओ पहला पुष्पराज सिंह को सौंपी गई है, जिन्हें एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपनी होगी।