Edited By Anil Kapoor,Updated: 05 Aug, 2026 02:48 PM

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर नगर निगम का एक ऐसा अजीबो-गरीब कारनामा सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरत में डाल दिया है। जहां वार्ड नंबर-2 में रहने वाले एक शख्स को नगर निगम ने 22 करोड़ 17 लाख रुपए से भी ज्यादा का हाउस टैक्स बिल....
Saharanpur News: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर नगर निगम का एक ऐसा अजीबो-गरीब कारनामा सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरत में डाल दिया है। जहां वार्ड नंबर-2 में रहने वाले एक शख्स को नगर निगम ने 22 करोड़ 17 लाख रुपए से भी ज्यादा का हाउस टैक्स बिल थमा दिया। भारी-भरकम टैक्स की यह रसीद देखते ही मकान मालिक की तबीयत बिगड़ गई और वे सीधे बेड रेस्ट पर चले गए।
मिली जानकारी के मुताबिक, मामला नगर निगम वार्ड-2 के निवासी फरहाद आलम और उनके पिता इश्तियाक अहमद का है। फरहाद के मुताबिक, उन्होंने करीब 1 साल पहले ही 4 करोड़ रुपए की लागत से अपना नया मकान बनवाया था। लेकिन हाल ही में जब नगर निगम का टैक्स नोटिस उनके हाथ लगा, तो उसमें 22 करोड़ 17 लाख 1,288 रुपए का हाउस टैक्स और सीवर-वॉटर चार्ज दर्ज था।
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हैरानी की बात यह है कि इस बिल में अकेले पानी और सीवर का चार्ज ही 2 करोड़ 17 लाख रुपए से अधिक लगाया गया है। इस पर तीखा तंज कसते हुए फरहाद ने कहा कि उनके घर में तो अभी तक नगर निगम की पानी की पाइपलाइन या सीवर का कनेक्शन ही नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर नगर निगम यह बताए कि हमारे घर पानी किस रास्ते आ रहा है? क्या यह पानी किसी जहाज, हेलीकॉप्टर से आ रहा है या फिर सीधे आब-ए-जमजम से भेजा जा रहा है?
बताया जा रहा है कि समाजवादी पार्टी से जुड़े फरहाद आलम का आरोप है कि जीआईएस सर्वे के नाम पर हुई इस गड़बड़ी के पीछे राजनीतिक रंजिश है। उन्होंने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, जिसके तुरंत बाद शाम को यह नोटिस थमा दिया गया। वहीं, बीमार पिता इश्तियाक अहमद ने हताश होकर कहा कि अगर नगर निगम को 22 करोड़ रुपए चाहिए, तो सरकार उनका 4 करोड़ का मकान ही रख ले और उन्हें बाकी पैसे लौटा दे।
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मामला तूल पकड़ते ही नगर निगम के अधिकारी बैकफुट पर आ गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह तकनीकी खराबी के कारण सिस्टम में गलत दर्ज हो गया है, जिसे जल्द ही दुरुस्त कर दिया जाएगा।