Edited By Mamta Yadav,Updated: 21 Jan, 2023 01:15 AM

Shahi Masjid: उत्तर प्रदेश में मथुरा की एक अदालत ने वाद की पोषणीयता एवं शाही मस्जिद ईदगाह का अमीन सर्वे करने पर सुनवाई के लिए 25 जनवरी की तारीख निर्धारित की है। जिला शासकीय अधिवक्ता (सिविल) संजय गौड़ ने बताया कि हिन्दू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष...
मथुरा, Shahi Masjid: उत्तर प्रदेश में मथुरा की एक अदालत ने वाद की पोषणीयता एवं शाही मस्जिद ईदगाह का अमीन सर्वे करने पर सुनवाई के लिए 25 जनवरी की तारीख निर्धारित की है। जिला शासकीय अधिवक्ता (सिविल) संजय गौड़ ने बताया कि हिन्दू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता आदि ने बालकृष्ण की ओर से इंतंजामिया कमेटी शाही मस्जिद ईदगाह एवं अन्य के खिलाफ 8 दिसंबर को एक वाद सिविल जज तृतीय सोनिका वर्मा की अदालत में दायर किया था जिसमें श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट की 13.37 एकड़ भूमि के एक भाग में बनी शाही मस्जिद को हटाने का अनुरोध किया था।

सर्वे अमीन भेजने का आदेश एक तरफा उन्हें बिना सुने दिया गया है
वाद में शाही मस्जिद ईदगाह में सर्वे अमीन भेजने का भी अनुरोध किया गया था बाद में जज ने शाही मस्जिद ईदगाह में सर्वे अमीन के जाने का आदेश भी दे दिया था और उससे मस्जिद के अन्दर की रिपोटर् नक्शे के साथ 20 जनवरी को अदालत में जमा करने का आदेश दिया था। इसके बाद शाही मस्जिद ईदगाह के अधिवक्ता नीरज शर्मा ने 2 जनवरी को अदालत में इस बात पर आपत्ति जताई कि सर्वे अमीन भेजने का आदेश एक तरफा उन्हें बिना सुने दिया गया है इसलिए अमीन को भेजने के पहले शाही मस्जिद ईदगाह के पक्ष के बारे में उन्हें भी सुना जाये। इसके बाद जज ने सुनवाई के लिए 20 जनवरी निर्धारित की थी। शाही मस्जिद ईदगाह के अधिवक्ता ने आज वाद की पोषणीयता पर प्रश्न उठाते हुए उक्त वाद में एक प्रार्थना पत्र पेश किया।
सर्वे के समय मौके पर DM-SSP को रहने का आदेश देने की भी मांग
उधर अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिनेश शर्मा के अधिवक्ता देवकीनन्दन शर्मा ने बताया कि उनके मुवक्किल की ओर से अलग अलग तारीखों में तीन प्रार्थनापत्र सिविल जज सीनियर डिवीजन तृतीय की अदालत में दाखिल किये गये हैं जिनमें कहा गया है कि उक्त मुकदमें में शाही मस्जिद ईदगाह का अमीन सर्वे करने के समय उन्हें (दिनेश शर्मा को) मौजूद रहने की इजाजत दी जाय तथा सर्वे के समय आकेर्लाजिकल सर्वे आफ इण्डिया के एक अधिकारी को भी लगाया जाय जिससे सर्वे का कार्य प्रामाणिक हो सके। इसके अलावा उन्होंने सर्वे के समय मौके पर डीएम और एसएसपी को रहने का आदेश देने की भी मांग की थी। अब इन तीन प्रार्थनापत्रों, अमीन सर्वे एवं वाद की पोषणीयता पर बहस के लिए 25 जनवरी की तिथि निर्धारित की गई है।