हिजाब विवाद पर Mayawati का बड़ा बयान, बोलीं- 'अदालत घसीटने के बजाय आपसी सूझबूझ से सुलझाएं मामला'

Edited By Anil Kapoor,Updated: 26 Aug, 2026 11:33 AM

lucknow news mayawati s big statement on the hijab controversy

हिजाब विवाद के बीच बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों को कानूनी विवादों में नहीं बदला जाना चाहिए और इनका इस्तेमाल संकीर्ण राजनीति के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि डॉ. बी.आर. आंबेडकर...

Lucknow News: हिजाब विवाद के बीच बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों को कानूनी विवादों में नहीं बदला जाना चाहिए और इनका इस्तेमाल संकीर्ण राजनीति के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि डॉ. बी.आर. आंबेडकर के नेतृत्व में तैयार किया गया संविधान सभी धर्मों और समुदायों के लोगों को समान अधिकार की गारंटी देता है।

 

उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि सभी को धार्मिक ग्रंथों, धार्मिक रीति-रिवाज व मान्यताओं के आधार पर शान्त एवं सुखी जीवन जीने का अधिकार है, जिसकी अनदेखी करने व उसमें दखल देने के बजाय सभी को उसकी पवित्रता का सम्मान करना चाहिये। स्कूलों में हिजाब पहनने के मुद्दे पर मायावती ने कहा कि इन मामलों को ज्यादा तूल देकर कोर्ट-कचहरी में घसीटने के बजाय उन्हें स्थानीय स्तर पर स्कूल प्रबंधन व शासन-प्रशासन की आपसी समझ व सूझबूझ से सुलझा लेना चाहिये ताकि किसी को भी इसकी आड़ में संकीर्ण राजनीति करने का मौका न मिल पाए।

मायावती ने कहा कि बसपा सर्वसमाज के सम्मान, उनके जान-माल व मजहब की सुरक्षा की गारंटी देने वाली आंबेडकरवादी पार्टी है और उसका मानना है कि किसी भी धर्म, धार्मिक ग्रंथ व धार्मिक प्रचलन/मान्यताओं के संवेदनशील मामलों पर सभी लोग टीका-टिप्पणी करने से बचें तो यह देश व जनहित में होगा। उनकी यह टिप्पणियां तब आई है जब कुछ दिन पहले इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्रयागराज के एक निजी स्कूल की नाबालिग छात्रा की याचिका खारिज कर दी थी। छात्रा ने स्कूल की निर्धारित वर्दी के साथ हिजाब पहनने की अनुमति मांगी थी। इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने संकेत दिया कि वह उच्च न्यायालय के इस आदेश को चुनौती दे सकता है।

ये भी पढ़ें:- झांसी लिंक एक्सप्रेसवे को योगी कैबिनेट की मंजूरी, 7,968 करोड़ से बदलेगी बुंदेलखंड की तस्वीर

मायावती ने उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन से यह भी अपील की कि बदायूं जिले में आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित किए जाने को लेकर चल रहे विवाद और तनाव का तत्काल शांतिपूर्ण एवं उचित समाधान निकाला जाए। उन्होंने कहा, ''यह उचित होगा कि सरकार और प्रशासन बदायूं जिले में भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. बी. आर. आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित किए जाने को लेकर चल रहे विवाद और तनाव का तत्काल शांतिपूर्ण एवं उचित समाधान निकालें। उनकी यह टिप्पणी बदांयू में आंबेडकर प्रतिमा की स्थापना को लेकर विवाद के बीच आई है, जहां मंगलवार शाम को पथराव में 7 पुलिसकर्मी और एक ग्रामीण घायल हो गए थे। घटना में 10 से अधिक वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और 7 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। प्रशासन ने कहा कि प्रतिमा प्रतिबंधित सरकारी भूमि पर स्थापित की जा रही थी और बाद में उसे वहां से हटाकर तहसील परिसर में रख दिया गया है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!