Edited By Anil Kapoor,Updated: 25 Aug, 2026 12:17 PM

वाराणसी में लगातार हो रही बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त होने लगा है। सावन के अंतिम सोमवार से शुरू हुई बारिश मंगलवार सुबह भी जारी रही। बारिश को देखते हुए जिले में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। वहीं, काशी के प्रमुख मार्गों पर जलजमाव होने से लोगों को...
Varanasi News: वाराणसी में लगातार हो रही बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त होने लगा है। सावन के अंतिम सोमवार से शुरू हुई बारिश मंगलवार सुबह भी जारी रही। बारिश को देखते हुए जिले में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। वहीं, काशी के प्रमुख मार्गों पर जलजमाव होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रिहायशी कॉलोनियों में भी जगह-जगह पानी भर गया है। झमाझम बारिश के बीच मंगलवार को अलग-अलग घटनाओं में करंट लगने से 3 और पुरानी दीवार गिरने से पति-पत्नी की मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, सिगरा थाना क्षेत्र के काजीपुर खुर्द, लल्लापुरा में मंगलवार सुबह करीब 8 बजे बारावफात त्योहार के लिए घर के सामने सजावट की जा रही थी। इसी दौरान सलीमुद्दीन उर्फ पप्पू (45) का पुत्र अनस (17) करंट की चपेट में आ गया। उसे बचाने पहुंचे सलीमुद्दीन भी करंट की चपेट में आ गए। हादसे में दोनों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान सलीमुद्दीन पुत्र रफीकुद्दीन और अनस पुत्र सलीमुद्दीनके रूप में हुई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
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एक अन्य घटना में चेतगंज थाना क्षेत्र के कालीमहल तिराहे पर वाटर कूलर में करंट उतरने से त्रिलोकी मोदनवाल (50) की मौत हो गई। वहीं, मंडुआडीह थाना क्षेत्र के बाटा मोड़ इंडस्ट्रियल एरिया में पुरानी दीवार गिरने से पति-पत्नी की मौत हो गई। मृतकों की पहचान रवींद्र और उनकी पत्नी प्रतिभा के रूप में हुई है। दोनों के बिहार के रहने वाले होने की जानकारी सामने आई है। वाराणसी के गोदौलिया, गुरुबाग, महमूरगंज, बीएचयू अस्पताल परिसर, गिरजाघर, हनुमान फाटक, रविंद्रपुरी, कीनाराम मार्ग, अस्सी और नगवा समेत कई प्रमुख मार्गों पर पानी जमा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम की ओर से बरसात से पहले जलजमाव की समस्या से निपटने को लेकर किए गए दावों के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
काशी आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भी बारिश और जलजमाव के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर आवागमन के साधन नहीं मिलने के कारण लोगों को पानी से होकर पैदल गुजरना पड़ रहा है। पर्यटक आरुषि पाल ने कहा कि काशी की सीवर व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारण मुख्य मार्गों पर पानी भर गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र और स्मार्ट सिटी काशी होने के साथ यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। ऐसे में यहां विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
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महमूरगंज निवासी बबलू ने कहा कि जलजमाव कोई नई समस्या नहीं है, बल्कि यह दशकों पुरानी समस्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यवस्था, नगर निगम, प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं कर पा रहे हैं। नगर निगम की ओर से कहा गया कि कुछ स्थानों पर जलजमाव की शिकायतें सामने आई हैं। जल्द ही उचित व्यवस्था कर जल निकासी सुनिश्चित की जाएगी।