संगम तट पर छठ पर्व की तैयारियां ज़ोरों पर, नदियों के बढ़े जलस्तर से आ रही समस्या

Edited By Tamanna Bhardwaj, Updated: 08 Nov, 2021 04:02 PM

preparations for chhath festival in full swing on the

सूर्योपासना के छठ महापर्व की तैयारियां जोरों पर है, हालांकि छठ पर्व का मुख्य दिन या कहे की रौनक 10 नवंबर को है। जिस दिन महिलाएं डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देंगी और उसके अगले दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर के इस महापर्व का समापन होगा। संगम तट पर छठ...

प्रयागराज: सूर्योपासना के छठ महापर्व की तैयारियां जोरों पर है, हालांकि छठ पर्व का मुख्य दिन या कहे की रौनक 10 नवंबर को है। जिस दिन महिलाएं डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देंगी और उसके अगले दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर के इस महापर्व का समापन होगा। संगम तट पर छठ पर्व को लेकर तैयारियां जोरों पर है। इस बार दोनों नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के चलते तैयारियों में काफी समस्या हो रही है। संगम तट पर  25 से अधिक मजदूरों को लगाकर जमीन समतल करने का काम तेजी से चल रहा है। पिछले साल कोरोना काल के चलते श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ नहीं थी, लेकिन इस साल अनुमान लगाया जा रहा है कि करोना से मिली राहत के चलते श्रद्धालुओं की भारी भीड़ संगम तट पर मौजूद रहेगी। 
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इस साल घाटों की संख्या में भी इजाफा किया गया है, जहां पर श्रद्धालु पूजा पाठ करेंगे। इस बार संगम तट पर करीब 1500  मीटर लंबे घाट को व्यवस्थित किया जा रहा है। संगम के तट पर हजारों की संख्या में महिलाएं डूबते हुए सूर्य और उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर इस पर्व को मनाती है। पिछले कई दिनों से ट्रैक्टरों और पोकलैंड की मदद से जमीन समतल का काम तेज़ी से चल रहा है। 
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ऐसे में मेला प्राधिकरण से जुड़े अधिकारी पुनीत श्रीवास्तव का कहना है कि इस बार दोनों नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के चलते काफी समस्या हुई है, लेकिन 10 नवंबर तक सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे इस बार भी कोरोनावायरस का पालन करते हुए और सोशल डिस्टेनसिंग का ख्याल रखते हुए यह निर्देश दिया गया हैं कि श्रद्धालु दूर दूर बैठकर के पूजा पाठ करेंगे और इसी वजह से घाट को लंबा किया गया है। छठ पर्व में महिलाएं पुत्र और पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं और सूर्य को अर्घ्य देती है। हालांकि छठ पर्व की शुरूआत आज़ से हो गई है। चार दिन तक चलने वाला ये त्यौहार का आज़ पहला दिन नहाय खाय से शुरू होता है। जिसको लेकर संगम स्थित तट पर विशेष तौर पर साफ़ सफाई की जा रही है।
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बता दें कि संगम तट पर मनाए जाने वाला छठ पूजा का विशेष महत्व होता है। माना जाता है कि जो महिलाएं संगम क्षेत्र में पूजा पाठ करती हैं। उनकी हर मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसलिए भारी संख्या में महिलाएं संगम तट आकर छठ पर्व को मनाती हैं। पूर्वांचल का सबसे बड़ा त्यौहार छठ पूजा को लेकर के प्रयागराज में भी तैयारियां कई दिन पहले से ही शुरू हो जाती है और किसी भी श्रद्धालुओं को कोई समस्या ना हो, इसके लिए 4 दिनों तक सुरक्षा से लेकर के व्यवस्था तक का खास ख्याल रखा जाता है।

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