Edited By Purnima Singh,Updated: 22 Jul, 2026 05:59 PM

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने मंगलवार को अपने परिसर के बाहर भीड़ को नियंत्रित करने और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये 'ट्रैफिक मार्शल' तैनात करने के अदालत के निर्देशों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों के प्रबंधन को कार्रवाई की...
लखनऊ : इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने मंगलवार को अपने परिसर के बाहर भीड़ को नियंत्रित करने और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये 'ट्रैफिक मार्शल' तैनात करने के अदालत के निर्देशों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों के प्रबंधन को कार्रवाई की चेतावनी दी। न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति बी.आर. सिंह की पीठ ने लखनऊ के पुलिस उपायुक्त (यातायात) को निर्देश दिया कि वह उन स्कूलों को फौरन नोटिस जारी करें जिन्होंने न तो ट्रैफिक मार्शल तैनात किए हैं और न ही उनकी नियुक्ति के लिए कोई प्रस्ताव जमा किया है।
अदालत इस मामले की अगली सुनवाई 30 जुलाई को करेगी। पीठ ने कहा, ''अगर यह पाया जाता है कि स्कूल तीन या उससे अधिक बार मार्शल तैनात करने के संबंध में इस अदालत के निर्देशों का उल्लंघन कर रहे हैं तो इस बात की जानकारी अदालत को दी जाए। ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।'' अपर महाधिवक्ता ने सुनवाई के दौरान अदालत को बताया कि एक चयनित एजेंसी के साथ समझौता किया गया है और राज्य भर के स्कूलों का स्थलीय निरीक्षण आगामी एक अगस्त से शुरू होने की संभावना है। इसके बाद अदालत ने निर्देश दिया कि यह निरीक्षण केवल प्रशिक्षित कर्मचारियों द्वारा ही किया जाना चाहिए।
अदालत ने राज्य सरकार को यह भी आदेश दिया कि काम शुरू करने से पहले निरीक्षण टीम के सभी सदस्यों की योग्यता और पहचान संबंधी जानकारी की जांच की जाए। पीठ ने यह भी कहा कि निरीक्षण का शुरुआती चरण बहुत महत्वपूर्ण होगा। उसने निर्देश दिया कि इस प्रक्रिया के दौरान आने वाली किसी भी कठिनाई या बाधा की जानकारी अपर महाधिवक्ता के माध्यम से तुरंत अदालत को दी जाए ताकि उचित निर्देश जारी किये जा सकें।