मुख्तार अंसारी को कोर्ट ने जारी किया नोटिस, तथ्य छिपाकर जमानत लेने का आरोप

Edited By Ramkesh, Updated: 06 Feb, 2022 01:23 PM

court issues notice to mukhtar ansari accused of hiding facts and seeking bail

जिला सत्र न्यायालय के एडीजे कोर्ट में 1 फरवरी को मुख्तार अंसारी को मिली जमानत के खिलाफ सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी नीरज श्रीवास्तव ने वाद दायर किया है। जमानत के विरोध में वकील ने मुख्तार पर कोर्ट से तथ्य छिपाकर जमानत लेने का आरोप लगाया। वहीं कोर्ट...

गाजीपुर: जिला सत्र न्यायालय के एडीजे कोर्ट में 1 फरवरी को मुख्तार अंसारी को मिली जमानत के खिलाफ सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी नीरज श्रीवास्तव ने वाद दायर किया है। जमानत के विरोध में वकील ने मुख्तार पर कोर्ट से तथ्य छिपाकर जमानत लेने का आरोप लगाया। वहीं कोर्ट ने अंसारी के खिलाफ नोटिस जारी कर दिया है। शासकीय अधिवक्ता फौजदारी नीरज श्रीवास्तव के आवेदन को संज्ञान लेकर मामले में नोटिस देकर तथ्यों की पड़ताल और आगे की कार्रवाई का आदेश दिया है। न्यायालय के सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी नीरज श्रीवास्तव ने गोपन के आधार पर मुख्तार की जमानत को निरस्त करने का प्रार्थना पत्र सम्बन्धित न्यायालय में दिया है।

उन्होंने बताया गया कि जनपद के थाना कोतवाली मोहम्मदाबाद गाजीपुर में सन 2007 में अभियुक्त मुख्तार अंसारी के विरूद्ध धारा 3(1) गैंगस्टर एक्ट पंजीकृत हुआ था। जो वर्तमान में एमपी एमएलए कोर्ट गाजीपुर मे विचाराधीन है। अभियुक्त के अधिवक्ता की ओर से प्रस्तुत प्रार्थना पत्र पर एमपी एमएलए कोर्ट गाजीपुर ने अभियुक्त मुख्तार अंसारी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश पारित किया।

गौरतलब है कि 17 जून 2016 को भी अभियुक्त मुख्तार अंसारी ने प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करते हुए 436 (ए) सीआरपीसी का लाभ पाने की याचना किया था परन्तु तत्कालीन गैंगस्टर कोर्ट गाजीपुर ने उनके आपराधिक पृष्ठ को ध्यान में रखते हुए निरस्त कर दिया था। इस तथ्य को अभियुक्त द्वारा प्रस्तुत वर्तमान प्रार्थना पत्र में उल्लेखित नहीं किया।  यह 436 (ए) सीआरपीसी के तहत प्रस्तुत द्वितीय प्रार्थना पत्र है। तथ्य को छुपाने के आधार पर जमानत निरस्त करने की मांग की गई है।
 

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