Edited By Umakant yadav,Updated: 15 Sep, 2021 03:28 PM

उत्तर प्रदेश में 2022 विधानसभा का चुनाव जीतकर सत्ता पर काबिज होने के लिए राजनीतिक दल कोई भी हत्कंडे अपनाने से नहीं चूक रहे हैं। वहीं, वोटरों को लुभाने के लिए सियासी पार्टियों को रैली और सम्मेलनों से फुरसत नही है। लेकिन इसी बीच पक्ष-विपक्ष में सोशल...
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2022 विधानसभा का चुनाव जीतकर सत्ता पर काबिज होने के लिए राजनीतिक दल कोई भी हत्कंडे अपनाने से नहीं चूक रहे हैं। वहीं, वोटरों को लुभाने के लिए सियासी पार्टियों को रैली और सम्मेलनों से फुरसत नही है। लेकिन इसी बीच पक्ष-विपक्ष में सोशल मीडिया पर तीखी नोक-झोंक देखने को मिल रही है। बुधवार को भाजपा सांसद बृजलाल ने अखिलेश के बयान पर पलटवार करते हुए निशाना साधा है।

बता दें कि पूर्व आईपीएस और भाजपा सांसद बृजलाल ने अखिलेश पर पलटवार करते हुए ट्वीट किया कि “समाजवादी पार्टी का चुनाव चिन्ह साइकिल की जगह LMG होना चाहिए जो बिलकुल उपयुक्त है। अखिलेश जी यही LMG मुख्तार अंसारी ने कृष्णानंद राय की हत्या के लिए मंगाई थी, जो जनवरी 2004 में STF ने पकड़ी थी। आप के पिताश्री ने POTA से मुख्तार को बचा लिया था।”
गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव बीते मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन के दौरान राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “भाजपा को अपना चुनाव चिन्ह बुलडोजर रख लेना चाहिए इस सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि उनके पास एक बुलडोजर है। इसमें एक स्टेयरिंग होती है, अभी यह इधर- उधर चल रहा है। सरकार मनमानी कर रही है, कानून नहीं मान रही है।” इतना ही नहीं यादव ने अयोध्या में राम मंदिर और विकास को लेकर राज्य सरकार द्वारा मनमानी तरीके से गरीबों को हटाने का आरोप लगाया था। उन्होंने ये भी कहा था कि आगामी विधानसभा में हमारी सरकार आती है तो जितने लोगों के मकान गिराए गए है उन्हें नए मकान देकर उनके आत्मसम्मान की रक्षा की जाएगी।