बुनियादी शिक्षा ही होती है बच्चों के भविष्य की शिक्षा की रीढ़: आनंदीबेन

Edited By Ramkesh,Updated: 24 Jul, 2020 05:00 PM

basic education is the backbone of children s future education anandiben

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से बच्चों की बुनियादी शिक्षा को भविष्य की शिक्षा की रीढ़ बताते हुए कहा कि आज के परिवेश को देखते हुए ही शिक्षकों..

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से बच्चों की बुनियादी शिक्षा को भविष्य की शिक्षा की रीढ़ बताते हुए कहा कि आज के परिवेश को देखते हुए ही शिक्षकों के प्रशिक्षण की व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि वे बच्चों को आसान तरीके से कम से कम समय में अधिक से अधिक अंक व अक्षर ज्ञान सीखा सकें।

श्रीमती आनंदीबेन शुक्रवार को राजभवन में उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा परिषदीय विद्यालयों के संचालन के बारे में प्रस्तुतीकरण में यह उद्गार व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि बुनियादी शिक्षा भविष्य की शिक्षा की रीढ़ होती है। एक से आठ तक उम्र के बच्चों में सीखने की शक्ति ज्यादा होती है। इनमें सुधार की सम्भावना ज्यादा होती है, ऐसी स्थिति में बच्चों को सीखाने का तरीका ऐसा होना चाहिए, जिससे बच्चे उसे आसानी से सीख सकें।
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उन्होंने कहा कि शिक्षकों का प्रशिक्षण भी उसी तरह का होना चाहिए जो बच्चों को आसान तरीके से कम से कम समय में अधिक से अधिक अंक व अक्षर ज्ञान सीखा सकें आज के परिवेश को देखते हुए ही शिक्षकों के प्रशिक्षण की व्यवस्था की जानी चाहिए। श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा कि प्राथमिक स्कूल के बच्चों का भी शैक्षणिक कैलेण्डर होना चाहिए, जिसमें पूरे साल पडऩे वाले राष्ट्रीय पर्व, महापुरूषों के जन्मदिन एवं त्योहारों का जिक्र हो। बच्चों का पाठ्यक्रम तैयार करने में इस बात का ध्यान रखना होगा कि उसमें उसके आस-पास के परिवेश का विशेष उल्लेख हो। इसके लिए अलग-अलग विषयों के लिए अलग-अलग विशेषज्ञों की कमेटी बनायी जाय जिसमें विषय पढ़ाने वाले शिक्षक भी शामिल हों।

 राज्यपाल ने कहा कि छोटे बच्चों को पोस्टर व चित्रों के माध्यम से सीखाने पर ज्यादा ध्यान दिए जाने की जरूरत है। विद्यालय की दीवारों पर बच्चों की समझ के हिसाब से पोस्टर व चित्र बनाये जायं, जिन्हें देखकर बच्चे सीख लें। पोस्टर व चित्र बच्चों की लम्बाई के हिसाब से लगायें जायं। उन्होंने बच्चों के ड्राप आउट पर विशेष रूप से ध्यान देने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि जिन बच्चों का नामांकन हुआ है, वह अगली कक्षा में भी रहे। इसके लिए बच्चों के माता-पिता व अभिभावकों को भी प्रेरित करते रहना चाहिए।

वहीं पूर्व महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा विजय किरन आनन्द ने मिशन प्रेरणा के प्रस्तुतीकरण के माध्यम से भारत सरकार द्वारा जारी पी0जी0आई0 रैंकिंग में सुधार लाने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाये गये कदमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आगामी दो वर्षों में उत्तर प्रदेश को टॉप पांच राज्यों की सूची में लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है तथा उसी के अनुरूप सभी आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं। इस अवसर पर बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सतीश द्विवेदी, अपर मुख्य सचिव, राज्यपाल, महेश कुमार गुप्ता, अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा, श्रीमती रेणुका कुमार, राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी (शिक्षा) केयूर सम्पत एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। 

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