Edited By Ramkesh,Updated: 28 Oct, 2026 07:19 PM

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद ने बुधवार को पार्टी प्रमुख मायावती के प्रति निष्ठा जताते हुए कहा कि वह अपना परिवार छोड़कर बहुजन समाज को अपना परिवार मानते हुए उसके उत्थान के लिए आजीवन काम करते रहेंगे। मायावती के भतीजे आकाश...
बुलंदशहर: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद ने बुधवार को पार्टी प्रमुख मायावती के प्रति निष्ठा जताते हुए कहा कि वह अपना परिवार छोड़कर बहुजन समाज को अपना परिवार मानते हुए उसके उत्थान के लिए आजीवन काम करते रहेंगे। मायावती के भतीजे आकाश आनंद ने पार्टी में दोबारा शामिल किए जाने के बाद पहली जनसभा में कहा कि उन्होंने पार्टी प्रमुख से पूछा था कि वह बार-बार उनकी परीक्षा क्यों लेती हैं।
आकाश आनंद के अनुसार इस पर मायावती ने उनसे कहा कि जब उन्होंने अपना पूरा परिवार त्यागकर बहुजन समाज को अपना परिवार माना और आजीवन त्याग एवं तपस्या की, तो क्या समाज भी उनकी परीक्षा नहीं लेता। उन्होंने कहा, ''मैंने कहा, जी बहन जी... लेता है। तब बहन जी ने मुझसे कहा कि इतना बड़ा आंदोलन, इतना बड़ा समाज और इतनी बड़ी जिम्मेदारी मैं बिना परीक्षा लिए तुम्हें कैसे सौंप दूं।'' उन्होंने कहा कि यह सुनकर उनकी आंखों में आंसू आ गए और उन्होंने मायावती से कहा कि वह जब तक जीवित हैं, उनकी हर परीक्षा देने के लिए तैयार हैं। आकाश आनंद ने कहा, ''मैं बहन जी को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि मैं बहुजन समाज को ही अपना परिवार मानता हूं और उसके लिए त्याग, तपस्या तथा दिन-रात मेहनत करता रहूंगा। जब तक इस समाज को देश का शासक नहीं बना देता, तब तक चैन की सांस नहीं लूंगा।
आकाश ने मायावती का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने एक बार फिर उनकी परीक्षा में सफल मानकर उन्हें जनता के बीच भेजने का काम किया है। मायावती ने 10 सितंबर 2026 को आकाश आनंद को पार्टी से निष्कासित कर दिया था, जिसके बाद उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास ले लिया था। इसके बाद आकाश आनंद की माफी और पार्टी कार्यकर्ताओं की मांग पर मायावती ने लगभग 25 दिन बाद इसी महीने पांच अक्टूबर को उन्हें फिर से पार्टी में बहाल कर दिया था।
आकाश आनंद ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में सरकार ने विज्ञापनों के जरिए प्रदेश को विकसित और सुरक्षित बताने के लिए जनता के कर के सात हजार करोड़ रुपये खर्च किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के पास अपनी तारीफ में प्रचार करने के लिए हजारों करोड़ रुपये हैं, लेकिन झांसी के सरकारी अस्पताल में आग लगने से 10 बच्चों की मौत जैसी घटनाओं को रोकने और व्यवस्था सुधारने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। आकाश आनंद ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में 13 लाख से अधिक सरकारी पद खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार उन्हें भरने के लिए कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने बसपा कार्यकर्ताओं और युवाओं से 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने का आह्वान किया।