संत कबीर ने हिंदू-मुस्लिम दोनों कट्टरपंथ का विरोध किया, हिंदुओं ने पूजा लेकिन मुसलमानों ने स्वीकार नहीं किया: CM योगी

Edited By Ramkesh,Updated: 11 Aug, 2026 07:06 PM

saint kabir opposed both hindu and muslim fundamentalism hindus worshipped him

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि संत कबीर दास हिंदू रूढ़िवादिता के खिलाफ बोलने के बावजूद हिंदुओं द्वारा पूजनीय थे लेकिन मुसलमानों ने उन्हें उसी तरह स्वीकार नहीं किया। मुख्यमंत्री ने यहां 684 करोड़ रुपये से अधिक की लागत...

संत कबीर नगर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि संत कबीर दास हिंदू रूढ़िवादिता के खिलाफ बोलने के बावजूद हिंदुओं द्वारा पूजनीय थे लेकिन मुसलमानों ने उन्हें उसी तरह स्वीकार नहीं किया। मुख्यमंत्री ने यहां 684 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 201 विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के अवसर पर अपने संबोधन में कहा, ''संत कबीर निर्गुण परंपरा से थे। 

कट्टरपंथ के खिलाफ रहे संत कबीर
उन्होंने मुस्लिम कट्टरपंथ के खिलाफ उतनी ही बात की, जितनी हिंदू कट्टरपंथ के खिलाफ लेकिन हिंदुओं ने उन्हें पूजा, जबकि मुसलमान उन्हें दूर से छूना भी नहीं चाहते थे। यही अंतर है।'' उन्होंने कहा कि संत कबीर ने पाखंड और जातिगत भेदभाव का कड़ा विरोध किया तथा समाज को उन लोगों के खिलाफ आगाह किया, जो उसे बांटना चाहते थे। आदित्यनाथ ने कहा, ''संत कबीर दास जी ने पाखंड के खिलाफ लड़ाई शुरू की थी और वह यहां मगहर आए थे। लोगों का मानना था कि मगहर में मरने से व्यक्ति नरक में जाएगा लेकिन उन्होंने कहा कि यह व्यक्ति के कर्मों पर निर्भर करता है कि उसे मृत्यु के बाद स्वर्ग मिलेगा या नरक।

कबीर की विरासत को संरक्षित कर रही सरकार 
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भाजपा सरकारों ने कबीर की विरासत को संरक्षित करने और उनसे संबंधित शोध को बढ़ावा देने के लिए कबीर अकादमी का विकास किया है तथा इसके सौंदर्यीकरण का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा, ''आज संत कबीर दास जी के नाम पर एक अकादमी के साथ-साथ एक सभागार बनाया जा रहा है और साथ ही हम बाबा तामेश्वरनाथ धाम के लिए एक कॉरिडोर के निर्माण पर भी काम कर रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि बदलता संत कबीर नगर, बदलते उत्तर प्रदेश को दर्शाता है।

सपा कांग्रेस की सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर था 
आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की सरकारों के भ्रष्टाचार के कारण जिले में एक कताई मिल बंद हो गई थी लेकिन अब इसे फिर से शुरू करने की योजना पर काम चल रहा है। उन्होंने मस्तिष्क ज्वर को लेकर दोनों दलों पर निशाना साधते हुए कहा, ''यह क्षेत्र एन्सेफलाइटिस से त्रस्त था। लोग मस्तिष्क ज्वर से पीड़ित थे, लेकिन कांग्रेस और समाजवादी पार्टी इसके बारे में कुछ नहीं कर सकीं। मैं इसे अपना सौभाग्य मानता हूं कि भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के सत्ता में आने के बाद हमने एन्सेफलाइटिस को पूरी तरह से खत्म कर दिया है।

सरकार आस्था का सम्मान करे तो विकास संभव 
आदित्यनाथ ने कहा कि विकास तभी संभव है, जब सरकार लोगों की आस्था का सम्मान करे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने छात्रवृत्ति, नौकरियों और किसानों के लिए बनाई गई योजनाओं में भ्रष्टाचार किया था। मुख्यमंत्री ने बताया कि संत कबीर नगर में 95 हजार परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर मिले हैं जबकि करीब 3.5 लाख गरीब परिवारों के लिए शौचालय बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिले में तीन लाख से अधिक किसानों को पिछले नौ वर्षों से पीएम किसान सम्मान निधि के तहत हर साल छह हजार रुपये मिल रहे हैं। 
 

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