Edited By Anil Kapoor,Updated: 24 Apr, 2026 09:08 AM

Mirzapur News: मिर्जापुर जिले में हुए भीषण सड़क हादसे के एक दिन बाद शोक में डूबे परिवार अपने प्रियजनों को याद कर बिलख रहे हैं। 11 लोगों की जिंदगी छीन चुकी इस त्रासदी ने कई घरों के चिराग बुझा दिए और पीछे छोड़ दिया दर्द, सन्नाटा और असहनीय खालीपन।...
Mirzapur News: मिर्जापुर जिले में हुए भीषण सड़क हादसे के एक दिन बाद शोक में डूबे परिवार अपने प्रियजनों को याद कर बिलख रहे हैं। 11 लोगों की जिंदगी छीन चुकी इस त्रासदी ने कई घरों के चिराग बुझा दिए और पीछे छोड़ दिया दर्द, सन्नाटा और असहनीय खालीपन। पुलिस के अनुसार हादसा बीते बुधवार देर शाम राष्ट्रीय राजमार्ग-135 पर पहाड़ी ड्रमंडगंज क्षेत्र में हुआ जहां कई वाहनों के आपस में टकराने के बाद उनमें लगी आग से 9 लोगों की जलकर मौत हो गई, जबकि 2 अन्य ने गंभीर चोटों के कारण दम तोड़ दिया।
जिगना क्षेत्र के रामपुर गांव के निवासी एवं मृतक पंकज सिंह के बड़े भाई राजू सिंह ने एक न्यूज से कहा कि हम संयुक्त परिवार हैं, सब मिल-जुलकर रहते थे… समझ नहीं आ रहा कि यह सब कैसे हो गया। उन्होंने कहा कि आधी रात को पुलिस उनके घर पहुंची, तब इस भयावह हादसे की जानकारी मिली। सिंह ने कहा कि हमारे पास वहां तक पहुंचने का कोई साधन नहीं था… बस पुलिस ने जो विवरण मांगा, वह उपलब्ध करा दिया। दुर्घटना वाले क्षेत्र के बारे में उन्होंने कहा कि ड्रमंडगंज का वह इलाका बहुत खतरनाक है, बेहद खड़ी चढ़ाई-ढलान है इसीलिए बड़ा संभलना पड़ता है। इस इलाके में हम रात में यात्रा करने से बचते हैं।
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वाहनों के पूरी तरह जल जाने के कारण पहचान कैसे हुई, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि परिवार केवल अनुमान लगा सकता है कि पुलिस ने चेसिस नंबर या अन्य माध्यमों से विवरण का पता लगाया होगा। पंकज सिंह का परिवार मैहर (मध्यप्रदेश) में एक मुंडन संस्कार में शामिल होकर लौट रहा था। उनका परिवार खेती-बाड़ी से जुड़ा था और साधारण जीवन जीता था। जीप चालक विष्णु सिंह के भतीजे सत्यम सिंह ने बताया कि चाचा चार भाइयों में सबसे छोटे थे… इंटर तक पढ़े थे और ड्राइविंग कर परिवार का भरणपोषण करते थे। गाड़ी भी उनकी अपनी नहीं थी। उन्होंने कहा कि मैंने उनके साथ गुजरात में दो साल तक काम किया… वह हर किसी की मदद को तैयार रहते थे।
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सत्यम ने बताया कि उनके चाचा पिछले 8 वर्षों से अपनी पत्नी से अलग रह रहे थे, लेकिन परिवार ही उनकी दुनिया था और वही उनकी देखभाल करता था। कार चालक जयप्रकाश के पिता भगत ने कहा कि मेरे बेटे की कार में आग नहीं लगी थी… वह ट्रक से टकराई थी। शायद ट्रक के ब्रेक फेल हो गए… जीप से टकराने के बाद वह मेरे बेटे की कार से टकराया और फिर दूसरे ट्रक से भिड़ गया। उन्होंने बताया कि मेरे बेटे का शव निकालने के लिए गाड़ी को काटना पड़ा…।
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सोनभद्र जिले के निवासी जयप्रकाश के एक रिश्तेदार ने बताया कि हम उन्हें रात में गाड़ी न चलाने की सलाह देते थे… लेकिन रोजी-रोटी के लिए उन्हें काम करना ही पड़ता था। इस बीच, पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत यहां मौजूद उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई। मिर्जापुर के प्रभारी मंत्री गुप्ता ने कहा कि इस दुख की घड़ी में सरकार प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने आर्थिक सहायता की घोषणा की है और हर संभव मदद के निर्देश दिए गए हैं।