Edited By Ramkesh,Updated: 11 May, 2026 07:49 PM

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से रिश्तों को झकझोर देने वाला एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत और परिवार दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां एक परिवार ने अपने ही बेटे की सुपारी देकर हत्या करा दी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि बेटे की हरकतों और...
अमरोहा: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से रिश्तों को झकझोर देने वाला एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत और परिवार दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां एक परिवार ने अपने ही बेटे की सुपारी देकर हत्या करा दी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि बेटे की हरकतों और रोज-रोज के झगड़ों से परेशान परिवार ने ही बदमाश को सुपारी देकर उसे मौत के घाट उतरवा दिया।
जानकारी के मुताबिक मामला डिडौली कोतवाली क्षेत्र के श्यामपुर में 9 मई को सूखी नहर के किनारे युवक दुष्यंत पुत्र पीतम सिंह निवासी नसीरपुर थाना डिडौली का लहूलुहान शव मिला था। शुरुआत में मामला हादसा या पुरानी रंजिश का माना जा रहा था, लेकिन पुलिस की जांच ने पूरे मामले का चौंकाने वाला सच सामने लाकर रख दिया।
पुलिस के मुताबिक दुष्यंत नशे का आदी था और आए दिन घर में विवाद, मारपीट और हंगामा करता था। उसकी हरकतों से परिवार लंबे समय से परेशान चल रहा था। इसी तनाव के बीच परिवार ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली मृतक दुष्यन्त के पिता पीतम सिंह, भाई संकित मां माया ने मिलकर इसी थाना क्षेत्र के गांव ढेला नगला निवासी जोगेंद्र उर्फ जोली बदमाश को 5 लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी।
हैरान करने वाली बात यह रही कि दुष्यंत की मां भी इस साजिश में शामिल निकली बताया जा रहा है कि मां ने अपने जेवर गिरवी रखकर हत्या के लिए रकम जुटाई और करीब 55 हजार रुपये एडवांस के तौर पर दे दिए इसके बाद आरोपी बदमाश ने दुष्यंत की हत्या कर शव को सूखी नहर में फेंक दिया, ताकि मामला हादसा लगे और किसी को शक न हो।
हालांकि पुलिस जांच में धीरे-धीरे पूरा राज खुल गया पुलिस ने मामले में दुष्यंत के पिता पीतम सिंह और उसके बेटे संकित को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं हत्या की सुपारी लेने वाले बदमाश जोगेंद्र उर्फ 'जोली और मृतक की मां माया की तलाश पुलिस जुटी हुई है इस दिल दहला देने वाले खुलासे के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है. लोग इस बात से हैरान हैं कि जिस मां ने बेटे को जन्म दिया, उसी ने उसकी हत्या के लिए अपने जेवर तक गिरवी रख कर हत्या करा दी।