Edited By Anil Kapoor,Updated: 11 May, 2026 06:51 AM

योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रिपरिषद विस्तार में शामिल नहीं किए जाने पर सीतापुर जिले की महमूदाबाद विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक आशा मौर्य ने कहा कि पीड़ा जरूर हुई, लेकिन यह पीड़ा मेरे संकल्प को कमजोर....
Sitapur News: योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रिपरिषद विस्तार में शामिल नहीं किए जाने पर सीतापुर जिले की महमूदाबाद विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक आशा मौर्य ने कहा कि पीड़ा जरूर हुई, लेकिन यह पीड़ा मेरे संकल्प को कमजोर नहीं होने देगी।
मौर्य ने 'एक्स' पर पत्रकारों और समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि देश-प्रदेश से प्राप्त फोन कॉल, सोशल मीडिया के माध्यम से शुभकामनाएं एवं समर्थन देने वाले सभी शुभचिंतकों और समर्थकों का हृदय से आभार व्यक्त करती हूं। आप सभी का प्रेम, आशीर्वाद और विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि पिछले 35 वर्षों से वह पार्टी और संगठन के लिए पूर्ण समर्पण, निष्ठा और ईमानदारी के साथ कार्य करती रही हैं तथा हमेशा संगठन हित को सर्वोपरि रखा है।
आशा मौर्य ने कहा कि जनसेवा और समाजहित के लिए निरंतर कार्य करना ही मेरे जीवन का उद्देश्य रहा है और आगे भी पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करती रहूंगी। उन्होंने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि एक समर्पित कार्यकर्ता होने के नाते कहीं न कहीं मन में थोड़ी पीड़ा अवश्य हुई है, क्योंकि वर्षों की मेहनत, संघर्ष और निष्ठा हर कार्यकर्ता के लिए भावनात्मक रूप से जुड़ी होती है। लेकिन यह पीड़ा मेरे संकल्प को कमजोर नहीं करेगी, बल्कि समाज और संगठन के प्रति मेरी जिम्मेदारियों को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी। भाजपा विधायक ने कहा कि वह पहले भी पार्टी व संगठन के प्रति पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करती रही हैं और आगे भी समाजहित में कार्य करती रहेंगी। उन्होंने कहा कि समाज के सम्मान, स्वाभिमान और अधिकारों की लड़ाई लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ आगे भी जारी रहेगी।
हालांकि, अपनी नाराजगी जाहिर करने के करीब 3 घंटे बाद मौर्य ने एक अन्य पोस्ट में उत्तर प्रदेश सरकार के नवनियुक्त मंत्रियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि आप सभी अपने कर्तव्यों का पालन पूरी निष्ठा, समर्पण और जनसेवा की भावना के साथ करेंगे तथा राज्य के विकास, सुशासन और जनता के कल्याण के लिए नए आयाम स्थापित करेंगे। वर्ष 2017 में आशा मौर्य ने पहली बार महमूदाबाद सीट से भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था लेकिन उन्हें हार मिली थी। इसके बाद 2022 में उन्होंने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेंद्र सिंह वर्मा को हराकर महमूदाबाद की पहली महिला विधायक बनने का गौरव हासिल किया।