'क्या मैं नक्सली हूं?'... लखनऊ पुलिस के कांस्टेबल का तीसरा VIDEO वायरल, अधिकारियों को बताया काले अंग्रेज

Edited By Anil Kapoor,Updated: 11 May, 2026 09:04 AM

am i a naxalite    lucknow police constable s third goes viral

लखनऊ पुलिस आयुक्तालय में तैनात एक कांस्टेबल ने विभागीय अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए तीसरा वीडियो जारी किया है और पुलिस बल में कथित भ्रष्टाचार की स्वतंत्र जांच कराने की मांग दोहराई है। पुलिस ने उसके आरोपों को झूठा और निराधार बताते हुए...

Lucknow News: लखनऊ पुलिस आयुक्तालय में तैनात एक कांस्टेबल ने विभागीय अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए तीसरा वीडियो जारी किया है और पुलिस बल में कथित भ्रष्टाचार की स्वतंत्र जांच कराने की मांग दोहराई है। पुलिस ने उसके आरोपों को झूठा और निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है। कांस्टेबल सुनील कुमार शुक्ला ने इससे पहले भी वरिष्ठ अधिकारियों पर भ्रष्ट सामंती व्यवस्था चलाने का आरोप लगाया था।

रविवार को जारी नए वीडियो में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की अपील की। वीडियो में शुक्ला ने आरोप लगाया कि उनके आरोप सार्वजनिक होने के बाद देर रात करीब 1 बजे पुलिसकर्मियों को उनके घर भेजा गया और उन्हें तथा उनके परिवार को परेशान किया गया। विभागीय अधिकारियों पर काले अंग्रेजों जैसा व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए शुक्ला ने कहा कि क्या मैं अपराधी या नक्सली हूं कि मेरे साथ इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है? वीडियो में कांस्टेबल ने कहा कि उन्हें स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह से प्रेरणा मिलती है और उन्हें मानसिक रूप से तोड़ा नहीं जा सकता। उन्होंने दावा किया कि उनकी आवाज दबाने के केवल दो तरीके हैं-या तो उनकी हत्या कर दी जाए या फिर पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार, शोषण और अनियमितताओं को समाप्त करने के लिए होमगार्ड विभाग की तर्ज पर एक विशेष समिति गठित की जाए।

ये भी पढ़ें:- बीमार पत्नी, हाथ में ठेला और आंखों में आंसू... बरेली की इस तस्वीर ने सिस्टम को झकझोर दिया, DM ने बिठाई जांच

यह विवाद शुक्ला के पहले वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शुरू हुआ था। उस वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया था कि आयुक्तालय में तैनात कांस्टेबलों और हेड कांस्टेबलों को तैनाती पाने के लिए हर महीने लगभग 2,000 रुपए देने पड़ते हैं और यह पैसा वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों तक पहुंचाया जाता है। वर्ष 2015 बैच के कांस्टेबल और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से विज्ञान स्नातक शुक्ला फिलहाल लखनऊ की रिजर्व पुलिस लाइंस में तैनात हैं और अर्जित अवकाश पर चल रहे हैं। नवीनतम आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए लखनऊ पुलिस आयुक्तालय ने बयान जारी कर शुक्ला के परिवार पर किसी प्रकार की छापेमारी या दुर्व्यवहार के आरोपों को खारिज किया। पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे आरोप झूठे और निराधार हैं।

ये भी पढ़ें:- कुशीनगर: मदरसे में पाकिस्तानी पंखा देख पहुंची पुलिस, हिरासत में लिए गए प्रबंधक, जांच में निकला सऊदी अरब का कनेक्शन

बयान के अनुसार, शुक्ला को ईमेल और व्हाट्सऐप के माध्यम से नोटिस भेजे गए थे, जिनमें उन्हें जांच समिति के समक्ष उपस्थित होकर सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए वीडियो के संबंध में बयान देने को कहा गया था। पुलिस ने कहा कि एक टीम केवल नियमानुसार नोटिस देने के लिए उनके आवास पर गई थी। साथ ही यह भी कहा गया कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए उन्हें समिति के समक्ष अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जा रहा है।

ये भी पढ़ें:- होटल के नाम पर गंदा धंधा... संदिग्ध हाल में मिले 8 युवक-युवतियां हिरासत में, जौनपुर पुलिस का बड़ा एक्शन

इस बीच, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिए कांस्टेबल को समर्थन दिया। अखिलेश यादव ने शुक्ला का वीडियो साझा करते हुए उन्हें आज की नई आजादी का स्वतंत्रता सेनानी बताया। उन्होंने दावा किया कि कांस्टेबल सत्ता में बैठे लोगों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रष्टाचार, उत्पीड़न और शोषण के खिलाफ पीडीए समुदाय के संघर्ष का प्रतिनिधित्व करता है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!