Edited By Anil Kapoor,Updated: 17 Aug, 2026 06:51 AM

हरदोई के ज्योति नगर में शनिवार की दोपहर एक ऐसी घटना घटी, जिसने यह साबित कर दिया कि सही समय पर सही फैसला और हिम्मत किसी की जिंदगी बदल सकती है। खेत में काम करने गए 21 साल के अरुण को घास की बोरी उठाते वक्त जहरीले सांप ने डंस....
Hardoi News: हरदोई के ज्योति नगर में शनिवार की दोपहर एक ऐसी घटना घटी, जिसने यह साबित कर दिया कि सही समय पर सही फैसला और हिम्मत किसी की जिंदगी बदल सकती है। खेत में काम करने गए 21 साल के अरुण को घास की बोरी उठाते वक्त जहरीले सांप ने डंस लिया। चीख सुनकर बड़ा भाई आकाश तुरंत मौके पर पहुंचा, लेकिन जैसे-जैसे मिनट बीत रहे थे, जहर का असर अरुण के शरीर पर साफ दिखने लगा था।
मिली जानकारी के मुताबिक, ऐसे नाजुक वक्त पर प्रगति नगर के रहने वाले मेडिकल स्टोर संचालक शिवम शर्मा वहां से गुजरे। स्थिति की गंभीरता समझते हुए उन्होंने बिना वक्त गंवाए दोनों भाइयों को अपनी बाइक पर बैठाया और सीधे मेडिकल कॉलेज पहुंचे। अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात ईएमओ डॉ. शेर सिंह और उनकी टीम ने तुरंत इलाज शुरू किया। डॉक्टर जानते थे कि इस मामले में मरीज का बेहोश होना या सो जाना जानलेवा साबित हो सकता है। उन्होंने परिजनों को स्पष्ट हिदायत दी कि इसे किसी भी हाल में सोने नहीं देना है।
डॉक्टर की इस सलाह को बड़े भाई आकाश ने पूरी मुस्तैदी से निभाया। जब भी अरुण की आंखें बंद होने लगतीं, आकाश उसके चेहरे पर पानी के छींटे मारता और गालों पर थप्पड़ रसीद कर देता। करीब 2 घंटे के इस मुश्किल वक्त में आकाश ने भाई को जगाए रखने के लिए लगभग 150 थप्पड़ मारे, लेकिन उसकी हिम्मत टूटने नहीं दी।
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आमतौर पर सांप के डंसने पर 5 एंटी-वेनम इंजेक्शन दिए जाते हैं, लेकिन जहर के गंभीर असर को देखते हुए डॉक्टरों की टीम ने 2 घंटे के भीतर अरुण को 15 डोज दिए। मेडिकल टीम की फुर्ती, भाई की सतर्कता और राहगीर शिवम शर्मा की समय पर की गई मदद की बदौलत आखिरकार अरुण की जान बच गई। अब उसकी हालत में सुधार है और परिवार ने राहत की सांस लेते हुए डॉक्टरों और शिवम का शुक्रिया अदा किया है।