Edited By Anil Kapoor,Updated: 16 Aug, 2026 10:53 AM

अगर आप भी बाजार से पनीर, खोया या घी खरीदते वक्त उसकी शुद्धता को लेकर बेफिक्र रहते हैं, तो थोड़ा संभल जाइए। उत्तर प्रदेश में नकली और मिलावटी एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स पर सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा चाबुक चला दिया है। जनता की सेहत से हो रहे खिलवाड़ को...
Lucknow News: अगर आप भी बाजार से पनीर, खोया या घी खरीदते वक्त उसकी शुद्धता को लेकर बेफिक्र रहते हैं, तो थोड़ा संभल जाइए। उत्तर प्रदेश में नकली और मिलावटी एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स पर सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा चाबुक चला दिया है। जनता की सेहत से हो रहे खिलवाड़ को रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 (धारा 34) के तहत कड़े निर्देश लागू किए गए हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक, नए आदेशों के अनुसार अगर किसी भी डेयरी या प्रोसेसिंग यूनिट में डिटर्जेंट, यूरिया जैसे हानिकारक रसायनों की मौजूदगी मिलती है, तो वहां मौजूद पूरे स्टॉक को तुरंत जब्त कर जमीनदोज कर दिया जाएगा।
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- फैक्ट्री होगी बंद: मिलावट पाए जाने पर निर्माण काम तुरंत रोक दिया जाएगा।
- लाइसेंस रद्द और FIR: खाद्य सुरक्षा विनियम 2011 के तहत लाइसेंस तुरंत सस्पेंड होगा और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाएगी।
- पूरे राज्य में ब्रांड बैन: उस कंपनी का सामान चाहे यूपी में बन रहा हो या राज्य के बाहर से आ रहा हो, अगर उसमें केमिकल मिला तो उसके ब्रांड की बिक्री पूरे प्रदेश में पूरी तरह से बैन कर दी जाएगी।
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अक्सर लोग बाजार से जो सस्ता पनीर खरीद लाते हैं, असल में वह दूध से बना ही नहीं होता। इसी को एनालॉग पनीर कहते हैं। इसे बनाने में दूध की जगह वनस्पति तेल, मिल्क पाउडर, स्टार्च और अलग-अलग केमिकल्स का इस्तेमाल होता है। दिखने और स्वाद में यह बिल्कुल असली पनीर जैसा लगता है, इसीलिए कई होटल, रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड वाले अपनी लागत घटाने के लिए इसका धड़ल्ले से इस्तेमाल करते हैं।
बताया जा रहा है कि नकली पनीर का यह काला कारोबार सिर्फ यूपी तक सीमित नहीं है। उत्तर प्रदेश से पहले गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और हाल ही में मध्य प्रदेश सरकार भी एनालॉग पनीर की बिक्री और इसके इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगा चुकी है।