दलित छात्रा हत्याकांड: मेरठ में चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने रोका, बिना नाम लिए मायावती पर कसा ऐसा तंज कि मच गया सियासी बवाल

Edited By Anil Kapoor,Updated: 11 Jul, 2026 07:02 AM

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उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में अनुसूचित जाति की एक छात्रा की हत्या के मामले में आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद को शुक्रवार को पीड़ित परिवार के गांव जाने से पहले पुलिस ने सिवाया टोल प्लाजा पर रोक दिया। कई घंटे तक चले...

Meerut News: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में अनुसूचित जाति की एक छात्रा की हत्या के मामले में आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद को शुक्रवार को पीड़ित परिवार के गांव जाने से पहले पुलिस ने सिवाया टोल प्लाजा पर रोक दिया। कई घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद प्रशासन ने पीड़ित परिवार को टोल प्लाजा स्थित नियंत्रण कक्ष में बुलाया, जहां सांसद ने मृतका की मां और बहन से मुलाकात की। अधिकारियों की मौजूदगी में हुई इस मुलाकात के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने परिवार को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने मुलाकात के बाद कहा कि मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

चंद्रशेखर आजाद की आंदोलन की चेतावनी
सांसद ने हाल के विरोध प्रदर्शनों के दौरान दलित समुदाय के लोगों पर पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में बल प्रयोग उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। सांसद ने कहा कि संसद का सत्र शुरू होने पर वह इस मामले को सदन में उठाएंगे। उन्होंने साथ ही पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और इस प्रकरण में गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग को लेकर आंदोलन करने की भी बात कही।

'सिर्फ बयानों से नहीं, साथ खड़े होने से मिलेगा न्याय'
चंद्रशेखर आजाद ने पत्रकारों से बातचीत में बिना नाम लिए बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि केवल बयान देने से काम नहीं चलेगा बल्कि पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना भी जरूरी है। सांसद ने यह भी कहा कि न्याय में देरी से समाज के कमजोर वर्गों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होता है।

टोल प्लाजा पर भारी पुलिस बल तैनात, समर्थकों के कारण बढ़ा तनाव
उल्लेखनीय है कि इससे पहले मायावती ने भी बिना किसी का नाम लिए आरोप लगाया था कि कुछ राजनीतिक दल और संगठन अपने राजनीतिक हितों के लिए दलित समाज की भावनाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। चंद्रशेखर आजाद के आगमन को देखते हुए सिवाया टोल प्लाजा पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस ने अवरोधक लगाकर कई मार्गों पर यातायात नियंत्रित किया और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया। मौके पर वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। आजाद समाज पार्टी के समर्थकों की बड़ी संख्या में मौजूदगी के कारण क्षेत्र में कई घंटे तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

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