लाल किले से महिला आरक्षण पर PM मोदी के बयान पर अखिलेश का पलटवार, बोले- ‘कानून 2023 में ही पास हो चुका’

Edited By Ramkesh,Updated: 15 Aug, 2026 06:32 PM

akhilesh yadav retorted to pm modi s statement on women s reservation from the

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन में महिला आरक्षण विधेयक के उल्लेख को लेकर उन पर निशाना साधते हुए कहा कि 'लाल किला झूठ बोलने की जगह नहीं है।' यादव ने कहा कि महिला आरक्षण...

लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन में महिला आरक्षण विधेयक के उल्लेख को लेकर उन पर निशाना साधते हुए कहा कि ''लाल किला झूठ बोलने की जगह नहीं है।'' यादव ने कहा कि महिला आरक्षण कानून 2023 में ही पारित हो चुका है और सरकार को इसे 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में लागू करना चाहिए। सपा प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए विभाजन ''जश्न मनाने का विषय'' है। प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर से दिए अपने संबोधन में राजनीतिक दलों से मतभेदों से ऊपर उठकर विधानसभाओं और संसद में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने में सहयोग करने की अपील की है। लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में अखिलेश यादव ने संवाददाताओं से कहा, ''लाल किला ऐसी जगह नहीं है जहां से झूठ बोला जाए। वहां से झूठ नहीं बोलना चाहिए।

महिला आरक्षण विधेयक पारित हो चुका है
उन्होंने कहा, ''कौन नहीं जानता कि महिला आरक्षण विधेयक पारित हो चुका है? हर कोई जानता है और हर राजनीतिक दल जानता है। हम कहते हैं कि यदि आप वास्तव में महिला आरक्षण कानून लागू करना चाहते हैं तो इसे 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में लागू करें। हम इसके लिए तैयार हैं। इससे कम से कम उन महिलाओं को चुनाव लड़ने का अवसर मिलेगा जो अभी अवसर का इंतजार कर रही हैं।'' यादव का इशारा सितंबर 2023 में संसद से सर्वसम्मति से पारित 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' की ओर था। हालांकि, यह कानून 2024 के लोकसभा चुनाव में लागू नहीं हुआ था।

संविधान जितना मजबूत होगा, लोकतंत्र भी उतना ही मजबूत होगा
सपा प्रमुख ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के आयोजन को लेकर भी भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और उसके सहयोगी संगठन विभाजन को लेकर ''जश्न'' मनाते हैं। उन्होंने कहा, ''भाजपा और उसके ऐसे सहयोगी जो सामने नहीं आते, विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मना रहे हैं। वे इसे इसलिए मनाते हैं क्योंकि उनके लिए विभाजन जश्न का विषय है। स्वतंत्रता संग्राम में उनका योगदान रहा हो या नहीं, लेकिन विभाजन में उनकी भूमिका जरूर रही है।'' यादव ने कहा कि देश संविधान से चलता है और संविधान जितना मजबूत होगा, लोकतंत्र भी उतना ही मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए सभी को मिलकर संविधान को मजबूत करना होगा। 

जो लोग कभी तिरंगे का सम्मान नहीं करते थे, अब तिरंगा यात्राएं निकाल रहे हैं
उन्होंने तिरंगे को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग कभी तिरंगे का सम्मान नहीं करते थे, वे अब तिरंगा यात्राएं निकाल रहे हैं। यादव ने कहा, ''उनका राष्ट्रवाद एक रंग का है, जबकि हमारा राष्ट्रवाद बहुरंगी है। हम सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास करते हैं।'' उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि कई स्थानों पर उनके यहां कभी तिरंगा नहीं फहराया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को कम से कम 'हर मन तिरंगा' अभियान चलाना चाहिए, ताकि वे यह साबित कर सकें कि उनमें भी आम लोगों जैसी राष्ट्रभक्ति की भावना है। सपा प्रमुख ने प्रति व्यक्ति आय और राशन वितरण को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ''एक तरफ हम प्रति व्यक्ति आय की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ करोड़ों परिवारों को राशन देना पड़ रहा है।

विकसित देशों में शिक्षा, स्वास्थ्य, चिकित्सा सुविधाओं को प्राथामिका दी जाती है 
दुनिया में शायद ही कोई ऐसा देश होगा जहां गरीबों को इतनी बड़ी मात्रा में राशन उपलब्ध कराना पड़ता हो।'' उन्होंने कहा कि खासकर उत्तर प्रदेश जैसे सबसे बड़े राज्य में बड़े पैमाने पर राशन वितरण किया जा रहा है। उन्होंने मिलावट और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर भी सरकार की आलोचना की। यादव ने आरोप लगाया कि विदेश नीति के कारण अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है और देश महंगाई से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही शिक्षा व्यवस्था भी धीरे-धीरे कमजोर हो रही है। उन्होंने दावा किया कि विकसित देशों में शिक्षा, स्वास्थ्य, चिकित्सा सुविधाओं और दवाओं की उपलब्धता को प्राथमिकता दी जाती है, जबकि भारत में स्थिति इसके विपरीत है। यादव ने आरोप लगाया कि देश में सबसे अधिक प्राथमिक विद्यालय उत्तर प्रदेश में बंद हुए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में 26 हजार स्कूल बंद किए गए, जबकि पूरे देश में करीब एक लाख प्राथमिक विद्यालय बंद हुए हैं।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!