Edited By ,Updated: 14 Oct, 2016 08:41 PM

जवाहर लाल विश्वविद्यालय (जेएनयू) में विजय दशमी के दिन एनएसयूआई स्टूडेंट्स द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र और खुद का पुतला जलाए जाने को लेकर बीजेपी नेता योगी आदित्यनाथ ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
गोरखपुर: जवाहर लाल विश्वविद्यालय (जेएनयू) में विजय दशमी के दिन एनएसयूआई स्टूडेंट्स द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र और खुद का पुतला जलाए जाने को लेकर बीजेपी नेता योगी आदित्यनाथ ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। योगी ने कहा कि उनका वास्तविक चरित्र दुनिया के सामने आ चुका है। कभी जो धूल झोंकी गयी थी जनता के सामने कि यह एक एन्टीलुचुअल का कैम्पस है, बल्कि देशद्रोही गतिविधियों में लिप्त देशद्रोही, राष्ट्र विरोधी तत्वों का गढ़ बन चुका है। इनकी असली वास्तविकता समाज के सामने आ चुकी है। उनका आधार वहां पूरी तरह खिसक चुका है।
योगी ने कहा कि जब जनता उनकी वास्तविकता को जान चुकी है तो यह उनकी बौखलाहट है। विजयादशमी के दिन जो उन लोगों ने किया है वह उन गद्दारों और देशद्रोहियों की बौखलाहट को प्रदर्शित करता है और ये बौखलाहट ये साबित करता है कि रावण दहन के साथ ही उनका ये गढ़ भी अब समाप्त हो चुका है। योगी ने कहा कि वामपंथ देश की मूल परम्परा के साथ दुष्प्रचार करता है। जिसका एक विकृत स्वरूप जेएनयू है। जेएनयू के माध्यम से ये वही भाषा बोलते हैं जो विदेशी जुठन खाके उनको इस देश के अन्दर करना चाहते थे। अब ये झूठ चलेगा नहीं जनता समझ चुकी है।
गौरतलब है कि विजय दशमी के दिन जेएनयू कैंपस स्थित साबरमती ढाबे पर एनएसयूआई स्टूडेंट्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बाबा रामदेव समेत अन्य भाजपा नेताओं के पुतले जलाए। इसके अतिरिक्त इन छात्रों ने योग गुरू रामदेव, साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, नाथूराम गोडसे और आसाराम बापू सहित जेएनयू के कुलपति जगदेश कुमार का भी पुतला जलाया था। इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के कुलपति जगदेश कुमार ने ट्वीट किया, ‘जेएनयू में पुतले जलाए जाने की घटना हमारे संज्ञान में आई है। हम इस मामले में सारी जरूरी सूचनाओं के आधार पर जांच कर रहे हैं।’ एनएसयूआई द्वारा रावण की जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाए जाने के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं।