Edited By Purnima Singh,Updated: 24 May, 2026 12:28 PM

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में मौसम संबंधी पूर्व चेतावनी प्रणाली को और अधिक सटीक, त्वरित तथा जनकेंद्रित बनाने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को राहत एवं आपदा प्रबंधन विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक...
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में मौसम संबंधी पूर्व चेतावनी प्रणाली को और अधिक सटीक, त्वरित तथा जनकेंद्रित बनाने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को राहत एवं आपदा प्रबंधन विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान समय पर दी गई सही सूचना लोगों का जीवन बचा सकती है इसलिए मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी तंत्र को केवल तकनीकी व्यवस्था तक सीमित न रखते हुए अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने गांवों और संवेदनशील क्षेत्रों में ''अंतिम व्यक्ति तक कनेक्टिविटी'' मजबूत करने, आईवीआरएस (स्वचालित टेलीफोन तकनीक), पंचायत स्तर के लाउडस्पीकर, स्थानीय एफएम रेडियो, मोबाइल अलर्ट तथा सोशल मीडिया का व्यापक उपयोग करने के निर्देश दिए। एक बयान के अनुसार, बैठक में 13 मई 2026 को भीषण आंधी-तूफान की समीक्षा की गई। बताया गया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के 'मल्टी-हैजार्ड अर्ली वार्निंग सिस्टम' (एमएचईडब्ल्यूएस) द्वारा इस घटना की सात दिन पहले से निगरानी की जा रही थी।
'येलो अलर्ट' के बाद 'ऑरेंज अलर्ट', कई जिलों में 'रेड अलर्ट' जारी
प्रारंभ में 'येलो अलर्ट' जारी किया गया, जिसे बाद में 'ऑरेंज अलर्ट' तथा कई जिलों में 'रेड अलर्ट' तक जारी किया गया। चेतावनियों में तेज आंधी, बिजली गिरने, ओलावृष्टि और 60 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक रफ्तार से हवा चलने की आशंका जताई गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि चेतावनी जारी करने के साथ-साथ लोगों में सुरक्षित व्यवहार को लेकर जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है। उन्होंने स्कूलों, पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही पेड़ों, बिजली के खंभों, होर्डिंग्स और कमजोर अस्थायी संरचनाओं की संवेदनशीलता का स्थानीय स्तर पर आकलन कर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने को कहा।
सभी 75 जिलों के लिए आपदा प्रबंधन योजना तैयार
बैठक में बताया गया कि संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के सहयोग से प्रदेश के 15 विभागों, सभी 75 जिलों तथा 20 प्रमुख नगरों के लिए आपदा प्रबंधन योजना तैयार की जा रही है। 2025 में 44 जिलों की 118 तहसीलों में लगभग 1800 स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया, जिनके माध्यम से 2,361 गांवों और 4,824 मजरों में जनजागरूकता अभियान चलाया गया। इसमें कहा गया कि ''आपदा मित्र'' स्वयंसेवकों को बीमा प्रमाण-पत्र वितरित किए गए हैं तथा नाव दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए 38 जिलों में 66,077 'लाइफ जैकेट' वितरित किए गए हैं।