Edited By Imran,Updated: 07 Oct, 2025 12:51 PM

दिपावली और छठ का त्योहार आने वाला है। घरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। बाहर रहने वाले सभी लोग अपने-अपने घरों की तरफ रूख करना शुरू कर दिए हैं। जिसकी वजह से ट्रेनों में भारी-भरकम भीड़ देखने के लिए मिल रहा है। ट्रेनों के जनरल कोच, एसी और स्लीपर कोच...
कानपुर: दिपावली और छठ का त्योहार आने वाला है। घरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। बाहर रहने वाले सभी लोग अपने-अपने घरों की तरफ रूख करना शुरू कर दिए हैं। जिसकी वजह से ट्रेनों में भारी-भरकम भीड़ देखने के लिए मिल रहा है। ट्रेनों के जनरल कोच, एसी और स्लीपर कोच में यात्रियों को जगह नहीं मिल रही है। हालात ऐसे हो गए हैं कि जनरल बोगी में लोग बाथरूम में भी खचाखच भरकर यात्रा करने के लिए मजबूर हैं।
इसी वजह से शनिवार को दिवाली पर घर लौट रहे मजदूर की कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर वडोदरा गोरखपुर विशेष ट्रेन के जनरल कोच में मौत हो गई। ट्रेन में मरने वाले युवक के परिजनों का आरोप है कि भीड़ के चलते दम घुटने से मौत हो गई। वहीं जीआरपी थाना प्रभारी ओम नारायण सिंह ने बताया कि ट्रेन में यात्री की मौत हार्ट अटैक से होने की जानकारी आई है।
दिवाली पर घर जा रहा था युवक
प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले ज्ञानेंद्र कुमार गोंड गुजरात के बड़ोदरा में एक निर्माण कंपनी में मजदूरी करते थे। मिली जानकारी के अनुसार, उनके परिवार में पत्नी रानी, आठ माह का बेटा देवेश है। परिजनों ने बताया कि ज्ञानेंद्र की शादी दो साल पहले हुई थी। भाई जैनेंद्र और पीयूष ने बताया कि दिवाली पर घर आने के लिए शनिवार शाम वह बड़ोदरा गोरखपुर स्पेशल ट्रेन के जनरल कोच में सवार हुए थे।
‘सांस लेने की जगह नही थी’
खबरों के मुताबिक ज्ञानेंद्र के साथ में दो साथी मिंटू पाल और श्रीप्रसाद भी जनरल कोच में यात्रा कर रहे थे। उनके अनुसार, कोच में इतनी भीड़ थी कि सांस लेना भी मुश्किल हो रहा था। इसी वजह से ज्ञानेंद्र को तकलीफ होने लगी। । इस सब के बीच ज्ञानेंद्र की हालत बिगड़ गई। जीआरपी की मदद से साथी उन्हें लोको अस्पताल ले गए। जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।