Edited By Ajay kumar,Updated: 24 Nov, 2022 09:43 PM

हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने पत्नी को मारने के बाद उसकी लाश टुकड़ों में काटकर और दो बैग में भरकर बाराबंकी के सफेदाबाद में फेंकने के अभियुक्त पति की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
लखनऊ : हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने पत्नी को मारने के बाद उसकी लाश टुकड़ों में काटकर और दो बैग में भरकर बाराबंकी के सफेदाबाद में फेंकने के अभियुक्त पति की जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायालय ने कहा कि अभियुक्त के जघन्य अपराध को देखते हुए, उसे जमानत पर रिहा की जाने का कोई आधार नहीं है। यह आदेश न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की एकल पीठ ने अभियुक्त समीर खान की जमानत याचिका को खारिज करते हुए पारित किया।
अभियुक्त पर आरोप है कि वह मुम्बई में एक चिकन शॉप में काम करता था, उसका प्रेम सम्बंध वहीं की एक युवती से हो गया और दोनों ने शादी कर ली। शादी के कुछ समय बाद वर्ष 2020 में वह बलरामपुर जनपद स्थित अपने गांव चला आया। आरोप है कि उसने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि उसे पत्नी के चरित्र पर शक होने लगा था। 25 जून 2020 को उसने पत्नी को लखनऊ बुलाया और किराए के मकान में रहने लगा ।
आरोप है कि 5 जुलाई 2020 को दोनों के बीच झगड़ा हुआ और इसी वजह से समीर खान ने अपने पत्नी की हत्या कर दी और उसकी लाश को छह टुकड़ों में काटकर दो बिग में भरा व उन्हें बाराबंकी के सफेदाबाद में फेंक दिया।