Edited By Purnima Singh,Updated: 26 Nov, 2025 08:01 PM

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान गंभीर खामियां मिलने के बाद लेखपाल और एक बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) को निलंबित कर दिया गया। बुधवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। बयान में कहा गया है कि...
आजमगढ़ : उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान गंभीर खामियां मिलने के बाद लेखपाल और एक बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) को निलंबित कर दिया गया। बुधवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। बयान में कहा गया है कि जिला निर्वाचन अधिकारी रवींद्र कुमार ने यह आदेश जारी किया। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार की जा रही एसआईआर के दौरान कुमार ने लालगंज विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम प्रगति वाले बूथों का निरीक्षण किया। बयान के मुताबिक शाहपुर के प्राथमिक विद्लाय (बूथ संख्या 407) में निरीक्षण के दौरान बीएलओ रफीउल्लाह का काम संतोषजनक नहीं पाया गया।
बयान में कहा गया है कि फॉर्म का वितरण एवं डिजिटलीकरण में लापरवाही करने के आरोप में जिला निर्वाचन अधिकारी ने बीएलओ को निलंबित करने का निर्देश दिया। इसके अलावा उधरा कूबा में प्राथमिक विद्यालय (बूथ संख्या 385) के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि लेखपाल/पर्यवेक्षक ने बीएलओ इंदु देवी को सही सूचना और आवश्यक सहयोग नहीं दिया। इसके साथ ही शिवका प्राथमिक विद्यालय (बूथ संख्या 383) की बीएलओ प्रीति सिंह दीपा को भी लेखपाल/पर्यवेक्षक ने आवश्यक सहयोग नहीं दिया और लापरवाही बरती। इसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी ने लेखपाल विनोद कुमार यादव को निलंबित करने तथा अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में लापरवाही बरतने पर अमरोहा प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। एसडीएम अमरोहा पुष्कर नाथ चौधरी ने बीएलओ और सहायक पदों पर तैनात 23 अध्यापकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के वेतन पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है। एसडीएम ने सभी संबंधित विभागाध्यक्षों को इस संबंध में पत्र भी भेज दिया है।
निरीक्षण के दौरान लगातार अनुपस्थित मिले बीएलओ
निर्वाचन कार्य की समीक्षा के दौरान एसडीएम, बीडीओ और अन्य अधिकारियों ने कई मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान 23 बीएलओ ड्यूटी स्थल से अनुपस्थित मिले। इनकी तैनाती एसआईआर कार्य के तहत बीएलओ या सहायक के रूप में की गई थी, लेकिन ड्यूटी के दौरान उनकी अनुपस्थिति को गंभीर लापरवाही माना गया।